नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली पुलिस को और कर्मियों की जरूरत है और 4,000 से ज्यादा पदों पर भर्ती के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है.  राजनाथ ने कहा कि पिछले चार साल में दिल्ली पुलिस में काफी सुधार हुआ है और वह शहर में गंभीर अपराधों में कमी लाने में सफल हुई है.

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) के नए कार्यालय और कैंट पुलिस थाने में आवासीय परिसर के उद्घाटन के लिए आयोजित कार्यक्रम में राजनाथ ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस को और बल की जरूरत है. 4,000 से ज्यादा कर्मियों की भर्ती के प्रस्ताव पर मंत्रालय गंभीरता से विचार कर रहा है.’ मंत्रालय दिल्ली पुलिस के लिए 3,149 कर्मियों की भर्ती की मंजूरी पहले ही दे चुका है.

राजनाथ ने दिल्ली पुलिस की महिला कर्मियों से लैस ‘स्वाट’ टीम की भी शुरुआत की. स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा के लिए इस टीम को तैनात किया जाएगा. इस मौके पर ‘स्वाट’ की महिला सदस्यों ने आतंकवादियों से मुकाबले के अपने कौशल का प्रदर्शन किया. महिला कर्मियों से लैस यह इकाई दिल्ली पुलिस की छठी ‘स्वाट’ टीम होगी.

गृह मंत्री ने कहा कि यातायात प्रबंधन दिल्ली पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है और गृह मंत्रालय ने ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी है.

राजनाथ ने दिल्ली पुलिस के कर्मियों को चेतावनी दी कि वे भूमि संबंधी विवादों में नहीं उलझें. उन्होंने कहा, ‘पुलिस को जमीन के मामलों में जज की भूमिका निभाने की कोई जरूरत नहीं है. यह अदालतों का काम है.’

दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने कहा कि दिल्ली पुलिस में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर कम से कम 30 फीसदी की जानी चाहिए. अभी दिल्ली पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या करीब 10 फीसदी है.

दिल्ली पुलिस के आयुक्त अमूल्य पटनायक ने अपने संबोधन में कहा कि नई भर्ती से बल की जमीनी स्तर पर मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि दक्षिण पश्चिम जिले में शुरू की गई छात्र कैडेट योजना पूरे शहर में लागू की जाएगी.