नई दिल्लीः सरकारी एयरलाइन कंपनी इस समय फंड की कमी का सामना कर रही है। इस वजह से एयर इंडिया के करीब एक चौथाई विमान उड़ान नहीं भर रहे और वह इन दिनों जमीन पर हैं। पायलटों का कहना है कि इस वजह से कंपनी को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पायलटों ने इस बात पर भी हैरानी जताई है कि पूरे मसले पर उड्डयन महानिदेशालय ने भी चुप्पी साध रखी है और एयरलाइन से किसी भी तरह की सफाई तक नहीं मांगी है।

एयर इंडिया के चेयरमैन पीएस खरोला को लिखे पत्र में इंडियन कमर्शल पायलट्स असोसिएशन (आईसीपीए) ने कहा, 'स्पेयर्स की कमी के चलते एयर इंडिया के तकरीबन 23 फीसदी विमान इन दिनों उड़ान नहीं भर रहे। 25,000 करोड़ रुपए तक के एयरक्राफ्ट्स का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है। हर दिन बड़ी संख्या में फ्लाइट्स को रद्द और रीशेड्यूल किया जा रहा है। आईसीपीए का कहना है कि स्पेयर्स की कमी की वजह से करीब 40 फीसदी विमान केवल खड़े हुए हैं।'

आईसीपीए के मुताबिक, 'कंपनी के 20 एयरबस ए-321 विमानों में से सिर्फ 12 ही फिलहाल ऑपरेशन के लिए उपलब्ध हैं। स्पेयर्स की कमी के चलते अलग-अलग स्टेशनों पर करीब 40 फीसदी विमान खड़े हैं। इन एयरक्राफ्ट्स को एयर इंडिया के सबसे महत्वपूर्ण विमानों में शुमार किया जाता है क्योंकि इनमें बैठने की अधिकतम क्षमता है।'

आईसीपीए ने कहा, 'फ्लीट में शामिल 22 एयरबस A319 विमानों में से 4 ऑपरेशन के लिए उपलब्ध नहीं हैं। एयरबस ए-320 विमानों की स्थिति अच्छी है और ऑपरेशन में हैं लेकिन इसकी वजह यह है कि इनकी नई खेप ही कुछ दिनों पहले खरीदी गई थी।'