नई दिल्ली : भीम आर्मी अपने संस्थापक चंद्रशेखर आजाद की रिहाई की मांग को लेकर 19 अगस्त को संसद मार्ग पर प्रदर्शन करने की योजना बना रही है. आजाद पिछले साल सहारनपुर में जातीय दंगे फैलाने के आरोप में जेल में हैं. यह दलित संगठन उन लोगों पर से मामले हटाने की मांग कर रहा है जिन्हें दो अप्रैल के भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में जेल में डाल दिया गया था. भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रत्न सिंह ने एक वार्ता के दौरान कहा कि , ‘‘हम चंद्रशेखर आजाद की रिहाई और उनके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दर्ज मामले हटाने की मांग करते हुए संसद मार्ग पर प्रदर्शन करेंगे करेंगे.’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह रैली जरुरी है क्योंकि दलितों और जातीय भेदभाव से संबंधित मुद्दों पर अंकुश लगाने में सरकार के विफल रहने से गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गयी है.’’

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद दलित नेता और भीम सेना के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद की याचिका पर यूपी सरकार को नोटिस जारी किया था. चंद्रशेखर ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अपनी नजरबंदी को चुनौती दी है. गौरतलब है कि आजाद उर्फ रावण को सहारनपुर दंगों में उनकी कथित भूमिका के कारण जून, 2017 में गिरफ्तार किया गया था. आजाद की गिरफ्तारी के करीब छह महीने के बाद उनके खिलाफ रासुका के प्रावधान भी लगा दिये गये थे.

सीजेआई दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने दलित नेता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोन्साल्विज के इस कथन पर विचार किया कि भीम सेना का नेता बगैर किसी राहत के जेल में बंद है. पीठ ने याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया. याचिका में दावा किया गया है कि आजाद के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया है. दंगा करने के आरोपी आजाद को उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल ने आठ जून, 2017 को हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से गिरफ्तार किया था.