इस्लामाबादः पाकिस्तान ने स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले सद्भावना दिखाते हुए 27 मछुआरों समेत 30 भारतीय कैदियों को आज जेल से रिहा कर दिया. विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैजल ने एक बयान में कहा कि कैदियों की रिहाई ‘‘मानवीय मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं करने की पाकिस्तान की अटल नीति के अनुसार की गई है.’’ बयान में बताया गया है कि जिन 30 कैदियों को रिहा किया गया है उनमें 27 मछुआरे शामिल हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यह 14 अगस्त को पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाने का मानवीय भाव है.’’

पाकिस्तानी जेलों में बंद हैं 457 भारतीय कैदी, सबसे ज्‍यादा तादाद मछुआरों की

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि भारतीय पक्ष भी इसी तरह का व्यवहार दिखाएगा.’’ देश के उच्चतम न्यायालय के समक्ष जुलाई में सौंपी गई एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 418 मछुआरों समेत 470 भारतीय पाकिस्तानी जेलों में बंद हैं. 27 मछुआरे आज लाहौर पहुंचे और उन्हें वाघा सीमा पर भारतीय अधिकारियों को सौंपा जाएगा. कराची में मालिर जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक गुलाम बक्श ने कहा कि उन्होंने कल मछुआरों को रिहा किया था और गृह मंत्रालय से आदेश मिलने के बाद ट्रेन के जरिए उन्हें लाहौर भेजा.

उन्होंने कहा, ‘‘मछुआरों को सद्भावना के कदम के तौर पर रिहा किया गया है.’ एदी वेल्फेयर ट्रस्ट के फैसल एदी ने कहा कि निश्चित तौर पर रिहा किए जाने पर मछुआरे खुश है. उनमें से कुछ ने पिछले दो साल जेल में बिताए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन्हें ट्रेन से लाहौर भेजने और वाघा सीमा तक लाने समेत उनका खर्चा उठाया। हमने सद्भाव के तौर पर उन्हें नकद रुपये और उपहार भी दिए.’’ अरब सागर में समुद्री सीमा का स्पष्ट सीमांकन ना होने के कारण पाकिस्तान और भारत आए दिन एक दूसरे के मछुआरों को गिरफ्तार करते रहते हैं.