नई दिल्लीः अग्नि वी को जल्द ही अंतिम परीक्षण करके इसे देश के शस्त्रागार में शामिल कर लिया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर न करने के शर्त पर बताया कि अक्तूबर तक अग्नि वी का अंतिम परीक्षण कर लिया जाएगा। इससे पहले यह परीक्षण जून में होना था लेकिन किसी कारणों इसे टालना पड़ा। सरकार इसे इसी साल मिसाइल पोर्टफोलियो में शामिल करना चाहती है।

ये हैं इसकी खासयितें

1. 5,000-5,500 किलोमीटर की रेंज तक लक्ष्य साधने वाला ये मिसाइल बीजिंग तक के लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम है।
 2. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के आधुनिकतम प्रयोगशाला में इसका निर्माण हुआ है जो देश की सुरक्षा की तैनाती के लिए लगभग तैयार है।
 3. इससे पहले अग्नि 1 से 4 जिसकी मारण क्षमता 700 किमी से 3,500 किमी है, शस्त्रागार में शामिल किए जा चुके हैं।
 4. अग्नि-वी परमाणु निवारक शस्त्र है जो अपने साथ 1.5 टन के परमाणु हथियार ले जा सकती है।
 5.  भारत अग्नि-वी के साथ अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन के साथ आईसीबीएम क्षमताओं वाले देशों में शामिल हो गया है।

उल्लेखनीय है कि इसी साल जनवरी में अग्नि-वी मिसाइल का परीक्षण ओडिशा अपतटीय क्षेत्र में स्थित अब्दुल कलाम द्वीप परीक्षण केंद्र से किया गया था। अब अग्नि-वी अंतिम परीक्षण के लिए तैयार है। अग्नि मिसाइल संस्करण की यह आखिरी मिसाइल होगी।