गुजरात में अनामत आंदोलन समिति के संयोजक हार्दिक पटेल को क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लिया है। पटेल ने किसानों के लिए अनशन करने का ऐलान किया था लेकिन इसके लिए उन्हे अनु​मति नहीं दी गई। हार्दिक समेत कई पाटीदार नेताओं को भी हिरासत में लिया गया।

पुलिस के अनुसार हार्दिक पटेल अनुमति के उपवास कर रहे थे, इसलिए उन्हें हिरासत में लिया गया। इस उपवास को रोकने के लिए 140 लोगो को भी गिरफ्तारी हुई। पुलिस पटेल नेताओं को क्राइम ब्रांच लेकर गई है, इसके अलावा राजकोट से अहमदाबाद पहुंच रहे 26 लोगो को भी रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया गया। ​हालांकि इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओ के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

आज के एक दिवसीय उपवास आंदोलन को रोकने के लिए अभी तक हमारे १३० से ज़्यादा आंदोलनकारी को गिरफ़्तार किया हैं और मेरे निवास स्थान पर ५८ आंदोलनकारी को नज़रकेद किया हैं।२०० से ज़्यादा पुलिस मेरे निवास के चारों तरफ़ तैनात हैं।भाजपा उपवास आंदोलन से इतना क्यूँ डरती हैं।

— Hardik Patel (@HardikPatel_) August 19, 2018

वही गिरफ्तारी से पहले हार्दिक ने ट्वीट किया था कि उनके करीब 130 से ज्यादा आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि उनके घर पर 58 आंदोलनकारी नजरबंद कर दिए गए हैं और पुलिस उनके घर के चारों ओर तैनात है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर सवाल करते हुए कहा कि वह उपवास से डरती क्यों है।

बता दें कि इससे पहले पाटीदार नेता ने गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को पत्र लिखकर 25 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन के लिए आवश्यक अनुमति को लेकर उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की थी। उन्होंने खुले पत्र में कहा कि लगातार अनुरोधों के बाद भी प्रशासन ने ना तो पुलिस की अनुमति दी है ना ही उन्हें प्रदर्शन के लिए कोई जगह मुहैया कराया है। पटेल ने घोषणा की थी कि वह पाटीदार समुदाय के लिए आरक्षण की मांग पर दबाव बनाने की खातिर निकोल इलाके में एक मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे। जिसके बाद नगर निकाय ने मैदान को पार्किंग इलाके में तब्दील कर दिया था।