जकार्ताः भारत के पहलवान बजरंग पूनिया ने अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन करते हुये 18वें एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियेागिता के 65 किग्रा वजन वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया और अब वह एशियाड में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतने से एक कदम दूर रह गये हैं। बजरंग ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया और अपने रास्ते के सभी पहलवानों को धूल चटाते हुये खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। बजरंग ने चार साल पहले इंचियोन एशियाई खेलों में 61 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था और इस बार वह 65 किग्रा वर्ग में उतरे जहां उन्हें सीधे प्री क्वार्टरफाइनल में प्रवेश मिला।

उन्होंने प्री क्वार्टरफाइनल में उज्बेकिस्तान के खासानोव सिरोजिदिन को 13-3 से पीट दिया। क्वार्टरफाइनल में भारतीय पहलवान ने ताजिकिस्तान के अब्दुलकासिम फेजिव को 12-2 से हराया। बजरंग की सेमीफाइनल में भिड़ंत मंगोलिया के बत्मगनई बाचुलुन से हुई और बजरंग ने पहला राउंड 8-0 से जीतने के बाद दूसरे राउंड में जैसे ही 2-0 की बढ़त बनाई और 10-0 के स्कोर पर तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर मुकाबला समाप्त कर दिया।

बजरंग का स्वर्ण पदक के लिये जापान के दाइची ताकातानी से मुकाबला होगा। भारत के पांच फ्री स्टाइल पहलवान पहले दिन 57, 65, 74, 86 और 97 किग्रा वजन वर्ग में उतरे। भारत के लिये इन पहलवानों में सबसे बड़ी निराशा दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार का 74 किग्रा में क्वालिफिकेशन में हारना रहा।

सुशील को क्वालिफिकेशन में बहरीन के एडम बातीरोव ने 5-3 से हराया। बातीरोव फिर क्वार्टरफाइनल में जापान के पहलवान से हार गये जिससे सुशील का रेपचेज में कांस्य पदक के लिये जाने का सपना टूट गया। 57 किग्रा में संदीप ने प्री क्वार्टरफाइनल में तुर्कमेनिस्तान के रूस्तम नजारोव को 12-8 से पराजित किया। संदीप ने रूस्तम के शरीर पर पूरी तरह से नियंत्रण बनाते हुये चार अंक जुटाये और दूसरी अवधि में 6-4 की बढ़त बनाई। रूस्तम ने 8-8 से बराबरी की लेकिन संदीप ने दो अंक लेकर 10-8 की बढ़त बनाई। संदीप को क्वार्टरफाइनल में ईरान के रेकाा अत्रिनागारची से 9-15 से हार का सामना करना पड़ा।   

86 किग्रा भार वर्ग में पवन कुमार ने कंबोडिया के वूती हेंग को 8-0 से पराजित किया। लेकिन क्वार्टरफाइनल में उन्हें ईरान के हसन यजदान से 0-11 से हार का सामना करना पड़ा। यजदान के फाइनल में पहुंचने के कारण पवन को रेपचेज में उतरने का मौका मिला है। 97 किग्रा भार वर्ग में मौसम खत्री क्वार्टरफाइनल में उज्बेकिस्तान के मगोमेद इब्रागिमोव के खिलाफ 0-8 से पराजित हो गये। इब्रागिमोव फिर सेमीफाइनल में पराजित हो गये जिससे खत्री को रेपचेज में उतरने का मौका नहीं मिल पाया और वह भी खेलों से बाहर हो गये।