कई बार कोई परेशानी न होने के कारण भी हमारा किसी से बात करने का मन नहीं करता। अकेले रहना,घबराहट या फिर बिना किसी कारण परेशानी हार्मोंन असंतुलन का कारण हो सकता है। यह शरीर अंदरूनी संतुलन रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। अगर इनकी गड़बड़ी होने लगे तो कई तरह की शारीरिक कमजोरी आनी शुरू हो जाती है। जिसके कई कारण हो सकते हैं जैसे नींद पूरी न होना, बर्थ कंट्रोल पिल्स का ज्यादा सेवन,जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज या शारीरिक गतिविधियों को कमी आदि भी हो सकता है।

हार्मोंस असंतुलन से होने वाली परेशानियां
इस तरह की परेशानियां औरतों को सबसे ज्यादा होती है। जिससे सेहत संबंधी बहुत परेशानियां होती है। घबराहट, चिड़चिड़ापन, वजन घटना या बढ़ना,बालों का झड़ना,थकावट, भूख न लगना,पीरियड्स की गड़बड़ी, मेनॉपोज, सिरदर्द आदि और भी बहुत-सी दिक्कतें आ सकती हैं।

हार्मोंस संतुलन के लिए बैस्ट तरीके
1. ओमेगा - 3 फैटी एसिड
ओमेगा 3 फैटी एसिड हार्मोंस हार्मोन बैलेंस करने में बहुत मददगार है। इसके लिए मछली,अलसी के बीज, सोयाबीन,टोफू, अखरोट, ऑलिव ऑयल आदि को अपनी डाइट में शामिल करें।

2. विटामिन डी युक्त आहार
विटामिन डी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने का काम करता है, इसके अलावा यह पिट्यूटरी ग्रंथि को प्रभावित करता है। जो हार्मोन बनाते है, इसके लिए सूर्य की रोशनी बहुत लाभकारी है। इसके अलावा डेयरी प्रॉडक्ट्स, साल्मन फिश,टुना फिश को अपने आहार में शामिल करें।

3. नारियल तेल
नारियल तेल के कुदरती गुण हार्मोंन का संतुलन बनाने में मददगार है। यह ब्लड शूगर के स्तर को बैलेंस करके प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने का काम करता है।

4. मेथी
एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच मेथी दाने डालकर इसे 15 मिनट भिगो कर रख दें। इसे छान कर दिन में 3 बार पीएं। आप इसमें नींबू का रस और शहद भी मिक्स कर सकते हैं।

5. अंकुरित अनाज
विटामिन और मिनरल्स युक्त अंकुरित अनाज हार्मोंस को संतुलित करने में बहुत फायदेमंद है। इसका हफ्ते में 2 या 3 बार सेवन करें।