मध्य प्रदेश के मंदसौर में सात साल की मासूम बच्ची के साथ निर्भया जैसी दरिंदगी करने वाले दोनों आरोपियों को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. दोनों दरिंदों ने बीती 26 जून को इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था. पुलिस ने घटना के बाद महज 48 घंटे में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था.

पुलिस ने पहले इस मामले में आरोपी इरफान को गिरफ्तार किया था और उसके बाद दूसरे आरोपी आसिफ को भी गिरफ्तार कर लिया था. दोनों आरोपियों को मंदसौर कोर्ट में पेश किया गया था. जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था. लोगों के गुस्से को देखते हुए दोनों दरिंदों को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया था.

लोगों के गुस्से को देखते हुए ही अदालत में दोनों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जा रही थी. अदालत ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए घटना के महज 55 दिन में ही दोनों दोषियों को सजा-ए-मौत सुना दी.

दरअसल, घटना के दौरान पीड़ित बच्ची की आंत और प्राइवेट पार्ट भीतर से अलग हो गए थे और उसकी आंतें बाहर आ गई थीं. उसे इतनी गहरी चोटें आई हैं कि उसकी सर्जरी 7 घंटे चली. उसके गले में भी सात टांके लगाए गए हैं. नाक पर जख्म इतने गहरे कि ट्यूब लगानी पड़ी और मुंह के घावों को ढंकने के लिए ल्यूकोप्लास्टी की गई.

बच्ची का इलाज करने वाले डॉ. ब्रजेश लाहोटी ने बताया कि बच्ची को गंभीर चोटें आई हैं. उसे एक यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया है. बच्ची अभी भी सदमे में है, इससे बाहर निकलने में उसे वक्त लगेगा. बच्ची के साथ इस कदर दरिंदगी की गई कि डॉक्टर और पुलिस भी उसकी हालत देखकर कांप गए थे.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्ची के शरीर पर जगह-जगह दरिंदों के दांत के निशान हैं. नाक पर जख्म इतने गहरे हैं कि डॉक्टरों को नेसोगेस्ट्रिक ट्यूब लगानी पड़ी. बच्ची का प्राइवेट पार्ट लहूलुहान था. रात में ही डॉक्टरों को उसका ऑपरेशन करना पड़ा था. आंतों को काटकर बाहर एक रास्ता बनाकर प्राइवेट पार्ट्स को ऑपरेट किया गया था.