कोच्चि: केरल में भीषण मानसून और बाढ़ के बाद अब जब लोग अपने घरों को लौट रहे हैं तो उन्हें कोबरा और अन्य जहरीले सांपों के खौफ से दो-चार होना पड़ रहा है जो शौचालयों, आलमारियों और वाशबेसिन में जमे हुए हैं.

पिछले पांच दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों से सर्पदंश की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. ऐसे में प्रशासन वन्यजीवन संरक्षणवादी और सांप विशेषज्ञ वावा सुरेश की मदद मांग रहे हैं. समीप के अंगमाली के एक प्राइवेट अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि 15-20 अगस्त के दौरान डॉक्टरों ने सर्पदंश के 53 मामले देखे हैं.

अंगमाली लिटिल फ्लावर अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि नाग, करैत आदि जहरीले सांप बाढ़ के पानी के साथ जंगल से बहकर आ गये और उन्होंने इन वीरान घरों में घर जमा लिया.

डॉक्टर ने कहा,‘ये सरीसृप पानी में डूबे घरों और अन्य ढांचों में पहुंच गये. इसलिए, जो लोग पानी घटने के बाद साफ सफाई के लिए अपने घरों में प्रवेश करते हैं उन्हें सावधानी बरतना चाहिए.’ राज्य सरकार के जनसंपर्क विभाग ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर अभियान चलाया है.

ऐसे ही एक अभियान में सुरेश ने लोगों से सांपों को देखकर नहीं घबराने, अपनी चीजें डंडे के सहारे ढूढने और फर्श को किरोसिन वाले पानी से पोछने की सलाह दी है. माना जाता है कि किरोसिन की गंध से सांप भाग जाते हैं.