कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को जर्मनी पहुंच गए हैं. वह यहां छात्रों और भारतीय समुदाय के साथ संवाद करेंगे. इस दौरे पर उनका पहला संवाद रात साढ़े नौ बजे होगा.

Congress President @RahulGandhi arrives in Hamburg for a two day visit to Germany.#WillkommenRahulGandhi pic.twitter.com/ZaU71cTeDX

— Congress (@INCIndia) August 22, 2018

कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि पार्टी अध्यक्ष आज जर्मनी के हैमबर्ग में रहेंगे. वह बूसेरियस समर स्कूल में लोगों के साथ रूबरू होंगे. जर्मनी में राहुल गांधी व्यापारियों, राजनेताओं, एकेडमिक्स और एनआरआई से भी मिलेंगे.

Congress President @RahulGandhi is in Hamburg, Germany today. He will be addressing an audience at the Bucerius Summer School.
Catch him live at: https://t.co/oA1CDFXJzk#WillkommenRahulGandhi pic.twitter.com/6QsCgoKYEC

— Congress (@INCIndia) August 22, 2018

सैम पित्रोदा के मुताबिक ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन के देशों में राहुल की एनआरआई, राजनेताओं, छात्रों, विद्वानों और मीडिया के बीच काफी मांग है, इसलिए उनकी इस यात्रा की योजना बनाई गई है.

आपको बता दें कि राहुल ब्रिटेन और जर्मनी की यात्रा पर हैं. वह 22 और 23 अगस्त को जर्मनी में 24 और 25 अगस्त को लंदन में रहेंगे. इस यात्रा में उनके प्रवासी भारतीय लोगों से संवाद करने और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों से मिलने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक उनकी यह यात्रा प्रवासी भारतीयों से संपर्क कायम करने के पार्टी के कार्यक्रम का हिस्सा है.

राहुल गांधी जर्मनी में, हैम्बर्ग और बर्लिन में दो सभाओं को संबोधित करेंगे. इसके बाद वो ब्रिटेन जाएंगे जहां वो कुछ स्थानीय भारतीय मूल के सांसदों के सहयोग से 'इंडियन ओवरसीज कांग्रेस' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. राहुल गांधी ने पिछले साल सितंबर में 'इंडिया ऐट 70' विषय पर कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले के छात्रों को संबोधित किया था.

इस साल मार्च में भी सिंगापुर नेशनल यूनिवर्सिटी में एक सभा को संबोधित किया था और वह मलेशिया भी गए थे. उन्होंने बहरीन में भी प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया है जहां उन्हें वहां के शाह ने आमंत्रित किया था।

कांग्रेस ने लगाया था बीजेपी पर आरोप

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने हाल ही में बीजेपी पर आरोप लगाया था कि बीजेपी राहुल गांधी की इस यात्रा को नाकाम करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि वे जानते हैं कि जर्मनी व ब्रिटेन के लोग राहुल गांधी के विचार सुनना चाहते हैं और उन तक पहुंचना चाहते हैं. प्रियंका ने कहा कि अगर बीजेपी किसी भी आमंत्रण को वापस लिए जाने के लिए प्रयास करती है तो यह उसकी संकीर्णता व अदूरदर्शिता का परिचायक होगी.