नई दिल्ली: फेक न्यूज रोकने और गलत जानकारी प्रसारित होने से रोकने के लिए फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल प्लेटफॉर्म ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. इसी कड़ी में फेसबुक और ट्विटर ने मंगलवार को 900 से ज्यादा अकाउंट बंद कर दिए. इनका पेज प्लेटफॉर्म से ही हटा दिया गया है. इसमें वो अकाउंट भी शामिल हैं, जो राजीनीतिक सामग्री शेयर करते थे. पिछले कुछ महीनों ने लगातार फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसी सूचना को प्रसारित होने से रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं.

फेसबुक ने रूस और ईरान के करीब 652 अकाउंट बंद कर दिए हैं. एक जानकारी में फेसबुक ने कहा कि इन दोनों देशों से जुड़े 652 पेजों, समूहों और अकाउंट को "अनुचित गतिविधियों" के लिए अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है. इनमें राजनीतिक सामग्री साझा करने वाले कुछ पेज भी शामिल थे.

आपको बता दें, फेसबुक पर 2016 के हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगा था. हालांकि, फेसबुक ने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि कुछ रूसी एजेंटों ने उसके प्लेटफॉर्म पर अभियान चलाकर ऐसा किया था. इसके बाद से ही फेसबुक अपनी नीतियों को मजबूत करने में जुटा है. उसकी तरह अन्य सोशल मीडिया नेटवर्क भी भ्रामक राजनीतिक अभियानों के खिलाफ सक्रिय कदम उठा रहे हैं.

फेसबुक के बाद माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने भी गड़बड़ी में लिप्त रहने पर 284 अकाउंट बंद किए हैं. ट्विटर ने जानकारी देते हुए कहा कि यह सभी अकाउंट ईरान में बनाए गए थे. इन पर अनुचित गतिविधियों की जा रही थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है.

सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने इस बात की जानकारी देने से इनकार कर दिया कि इन अकाउंट्स से किस तरह का काम किया गया था. फेसबुक ने कहा कि सामग्री की समीक्षा अभी पूरी नहीं हुई है. हालांकि, उसने इसकी सूचना अमेरिका और ब्रिटेन सरकार को दे दी है. साथ ही ईरान पर प्रतिबंध के मद्देनजर इसकी जानकारी अमेरिका के वित्त और विदेश विभाग को भी दी गई है.

फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कहा, "बहुत कुछ है, जिसके बारे में हम नहीं जानते हैं. लोगों के साथ-साथ देश भी हर संभव तरीके से सेवाओं का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं." ऐसे अकाउंट, पेज पर नजर रखने की कोशिश की जा रही है. आगे और अकाउंट या पेज को लेकर कदम उठाए जा सकते हैं. हमारा मकसद है कि किसी भी देश में चुनाव या दूसरी गतिविधियां प्रभावित न हों.