मुंबई: शिवसेना ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सुगम बनाने के लिए कानून बनाए जाने पर आज जोर दिया और कहा कि 2019 में लोकसभा चुनाव के बाद संसद की तस्वीर ‘अनिश्चित’ दिखती है। शिवसेना ने कहा कि यह कहना कि राम मंदिर का निर्माण आम सहमति से होगा, वैसा ही है जैसे पाकिस्तान यह कहे कि उसका कश्मीर से कोई लेना देना नहीं है और वह हिस्सा भारत का है। शिवसेना ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राम मंदिर बनने तक भगवा पगड़ी नहीं पहननी चाहिए।

राजग में शामिल शिवसेना की यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान के बाद आई है। मौर्य ने कहा कि जब कोई विकल्प नहीं होगा तो कानूनी रास्ते अपनाया जाएगा। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में एक संपादकीय में कहा कि पूर्व की सरकार सत्ता से बाहर हो गई क्योंकि वह राम मंदिर मुद्दे पर आम सहमति नहीं बना सकी और न ही उच्चतम न्यायालय ने इस पर कोई फैसला दिया।

इसमें कहा गया है कि 2014 में लोकसभ चुनाव में भाजपा को बहुमत मिला और उत्तर प्रदेश में उन्हें सर्वाधिक सीटें मिलीं। संपादकीय में कहा गया है कि शिवसेना सहित कई दल चाहते हैं कि राम मंदिर बने और इसलिए सरकार को कानून बनाने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। शिवसेना ने कहा, ‘आज संसद में आपके पास बहुमत है। 2019 में संसद की क्या तस्वीर होगी? यह अनिश्चित है।’