दिन में 3 से 4 बार उबासी आना आम है लेकिन कुछ लोगों को जरूरत से ज्यादा उबासियां आने लगती हैं। उनको लगता है कि अधिकतर थकान, नींद पूरी ना या किसी काम में अरुचि के कारण एेसा हो रहा है। मगर एेसा नही है उबासी का सीधा कनेक्शन हमारी हैल्थ से होता है। कई बार सीरियस हैल्थ इशू के कारण ज्यादा उबासियां आने आती हैं पर हम इसे मामूली समझकर छोड़ देते हैं। यही छोटी सी लापरवाही आगे चलकर हमारे लिए खतरनाक साबित हो सकती है। 

1. लीवर खराब होने के अंदेशा

लीवर खराब होने की स्थिति में शरीर को बहुत ज्यादा थकावट होने लगती है। थकान महसूस होने पर उबासी आती है। जब भी आपको ज्यादा उबासी आने लगे तो अपने लीवर का चैकअप जरूर करवा लें।
 
2. दिल की बीमारियों के कारण

डॉक्टर्स का मानना है कि दिल और फेफड़ों की बीमारियों के कारण भी ज्यादा उबासियां आने लगती हैं। जब दिल और फेफड़े सही तरह से काम नहीं करते तो अस्थमा की समस्या होने लगती है। अगर समय रहते इनका इलाज ना करवाएं जाएं तो स्थिति और भी खराब हो सकती है।

3. ब्रेन ट्यूमर का अंदेशा

कुछ अध्ययन में यह बात सामने आई है कि ब्रेन स्टेम जख्म की वजह से ज्यादा उबासियां आने लगती है। पिट्यूटरी ग्लेंड दब जाने के कारण उबासियां आती हैं।

4. बीपी और दिल की धड़कन का कम होना

तनाव के कारण बीपी बढ़ जाता है और दिल की धड़कन भी कम हो जाता है। एेसा होने पर ऑक्सीजन ब्रेन तक नहीं पहुंच पाती। इस स्थिति में उबासी के जरिए शरीर में ऑक्सीजन पहुंचती है। अगर आपको भी जरूरत से ज्यादा उबासी आने लगे तो एक बार डॉक्टरी चैकअप जरूर करवा लें।    

5. ब्लड ग्लूकोस के स्तर में कमी

ज्यादा उबासी आना डायबिटिस्क में हाइपोग्लाइसीमिया का शुरूआती संकेत होता है। जब शरीर में ब्लड ग्लूकोस का स्तर कम हो जाता है तो उबासी आनी शुरू हो जाती है। अगर आप डायबिटीज के पेशेंट हैं और आपको ज्यादा उबासी आ रही है तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं।  

6. थाइरॉयड

बार-बार उबासी आना हाईपोथाइरॉयड डिस्म की निशानी हो सकती है। शरीर में थाइरॉयड हॉर्मोन कम बनने पर ऐसा होता है।