चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केंद्र से आग्रह किया है कि वह पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब तीर्थस्थल तक पहुंच के लिए इस्लामाबाद से बात करे. इस मुद्दे को हाल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने गए राज्य के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी यात्रा के दौरान उठाया था.

पंजाब सरकार की ओर से जारी एक बयान में बुधवार को कहा गया कि मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से आग्रह किया है कि वह अपने पाकिस्तानी समकक्ष के समक्ष मुद्दा उठाएं जिससे कि श्रद्धालु गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के अवसर पर ऐतिहासिक गुरुद्वारे की यात्रा कर सकें.

उन्होंने अपने पत्र में याद दिलाया कि करतारपुर (अब पाकिस्तान में) में अंतिम सांस लेने वाले सिखों के प्रथम गुरु की 550वीं जयंती नवंबर 2019 में मनाई जाएगी. अमरिंदर ने लिखा,‘पंजाब सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमा से करतारपुर तक एक कॉरिडोर के वास्ते भारत सरकार से मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाने के लिए बार-बार आग्रह करती रही है.

बता दें अपनी हालिया इस्लामाबाद यात्रा के दौरान पाकिस्तानी सेना प्रमुख से गले मिलने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को बचाव करते हुए कहा था कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में जनरल कमर जावेद बाजवा से गले मिलने का बचाव किया और कहा कि वह यह सुनकर भावुक हो गए थे कि सिख श्रद्धालुओं को सीमा पार एक धार्मिक स्थल तक जाने की अनुमति मिल सकती है.

सिद्धू ने कहा था कि बाजवा ने उन्हें बताया कि पाकिस्तान गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से करतारपुर साहिब के लिए रास्ता खोलने का प्रयास कर रहा है. यह सुनकर वह भावुक हो गए.  सिद्धू ने कहा कि उन्हें पहली पंक्ति में बैठा देख वह गर्मजोशी से मिले और तुरंत ही उन्होंने बताया कि वे करतारपुर साहिब के लिए रास्ता खोलने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि गुरु नानक देव जी के 550वें ‘प्रकाश दिवस’ पर श्रद्धालु दर्शन कर सकें.'

उन्होंने कहा था,‘जनरल बाजवा के यह कहने के बाद, वह एक भावुक क्षण बन गया,जिसका नतीजा (एक दूसरे को गले लगाना) सभी ने देखा. उस छोटी मुलाकात के बाद, जनरल बाजवा के साथ मेरी कोई मुलाकात नहीं हुई.