नई दिल्ली: देश में 5G टेलीकॉम सर्विसेज की शुरुआत साल 2020 से होने की उम्मीद है. 5G डिप्लायमेंट रोडमैप तैयार करने के लिए दूरसंचार मंत्रालय द्वारा गठित की गई स्टीयरिंग कमेटी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट दूरसंचार सचिव को सौंप दी. स्टीयरिंग कमेटी के चेयरमैन प्रोफेसर एजे पुलराज की अध्यक्षता में इस कमेटी का गठन सितंबर 2017 में किया गया था. कमेटी के अनुसार साल 2020 में देश में 5G सेवाओं की शुरुआत होने की पूरी उम्मीद है.

टेलीकॉम सचिव अरुण सुंदरराजन को सौंपी गई रिपोर्ट में 5G रोडमैप से संबंधित जो तीन प्राथमिकताएं गिनाई गई हैं वे डिप्लायमेंट, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हैं. स्टीयरिंग कमेटी ने सुझाव दिया है कि 5G स्पेक्ट्रम ऑक्शन और एलोकेशन के संबंधत में सरकार अपनी पॉलिसी 31 दिसंबर 2018 को बताये और जरूरी नोटिफिकेशन जारी करे. साथ ही यह भी कहा कि स्पेक्ट्रम टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए सुझाव देने हेतु सरकार 5 साल के लिए एक स्टैंडिंग कमेटी का गठन करे.

कमेटी का यह भी कहना है कि 5G सेवाओं के रोलऑउट में देरी न हों इसके लिए सरकार रेग्युलेटरी गाइडलाइंस को अक्टूबर 2019 तक लागू करे. 5G का देश की अर्थव्यवस्था के ऊपर 1 ट्रिलियन यूएस डॉलर से ज्यादा का इम्पैक्ट होगा. इससे पहले जी मीडिया ग्रुप के इंडिया के डीएनए 2019 कॉन्कलेव के दौरान बीएसएनएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अनुपम श्रीवास्वत ने भी कहा था कि बीएसएनएल ने सबसे पहले देश में 3G की शुरुआत की थी. अब जब दुनिया 5G की तरफ बढ़ रही है, ऐसे में बीएसएनएल देश में 2020 तक 5G सर्विस शुरू करने का प्लान कर रहा है.