नई दिल्ली: राजस्थान के एक गांव में फेसबुक पोस्ट पर हुई मामूली कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्जनों लोगों पर मुकदमा लिखा दिया, जबकि दूसरे पक्ष ने 70 दलित परिवारों का हुक्का पानी बंद कर दिया.

मामला बाड़मेर के कालूड़ी गांव का है. यहां एक फेसबुक पोस्ट पर विवाद के बाद दलितों की ओर से गांव के एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करा दिया. जवाब में गांव के लोगों ने पंचायत बुलाई और करीब 70 दलित परिवारों का हुक्का पानी बन्द कर दिया. राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सभी को अधिकार के साथ जीने का हक है और अगर किसी व्यक्ति को उसके मौलिक अधिकारों से वंचित किया गया तो हम उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.

दलित परिवारों का आरोप है कि पिछले एक सप्ताह से उन्हें दुकानों पर राशन नहीं मिल रहा है. वो अपने पैसों से भी राशन नहीं खरीद सकते हैं. इतना ही नहीं उनका कहना है कि उनके बच्चों को स्कूल नहीं जाने दिया जा रहा है. दूसरी ओर राजपुरोहित समाज का कहना है कि उन पर हुक्का पानी बंद करने के आरोप झूठे हैं. उनका ये भी कहना है कि उनके लोगों पर लगाया गया एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा झूठा है और उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है. गांव में तनाव बढ़ता देख पुलिस को तैनात कर दिया गया है.