नई दिल्लीः भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम ने श्रीलंका में ट्वंटी-20 सीरीज में मेजबान टीम को 2-1 से शिकस्त देकर श्रीलंका में दूसरी बार सीरीज पर कब्जा जमाया। रविंद्र कंबोज की कप्तानी में खेले गए इस मुकाबले में शुरू से ही भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा। निर्णायक मुकाबले में भारतीय रणबांकुरों ने जीत के लक्ष्य का पीछा करते हुए महज 12.3 ओवरों में चार विकेट पर124 रन बनाकर जीत हासिल कर ली। मैन ऑफ द सीरीज बलराज को चुना गया जबकि अंतिम मुकाबले में 4 विकेट चटकाने वाले कप्तान रविंद्र कंबोज को मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया।  

इंडो व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन सर्वेश तिवारी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, ''रविंद्र की कप्तानी में श्रीलंका में सीरीज खेलने गई अपनी टीम पर हमें पहले से ही विश्वास था कि वह वहां से फतह करके लौटेगी।'' 23, 24 और 25 अगस्त को हुए इन मुकाबलों में भारतीय टीम ने 2-1 से सीरीज पर कब्जा जमाया। विश्वास के साथ मैदान पर उतरी भारतीय टीम ने पहले ही मुकाबले में जीत दर्ज कर बढ़त हासिल कर ली थी जबकि दूसरा मुकाबला श्रीलंकाई टीम के नाम रहा था। अंतिम मैच निर्णायक था। कोलंबो के मैदान में खेले जा रहे इस मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले श्रीलंका को बल्लेबाजी करने का मौका दिया।

पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की पूरी टीम 19.4 ओवरों में 123 रन बनाकर ही ऑल आउट हो गई। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने महज 12.3 ओवरों में ही 4 विकेट खोकर 124 रन बना जीत हासिल कर ली और सीरीज पर कब्जा जमा लिया। श्रीलंका की ओर से गोदारा ने 55 और दिलनायका ने 13 रनों का योगदान दिया जबकि भारतीय कप्तान रविंद्र कंबोज ने 24 रन देकर चार महत्वपूर्ण विकेट झटके। भारत की ओर से बल्लेबाजी करने आए बलराज ने 47, टिक्का ने 33, गुलामदिन में 18 व कैलाश ने 17 रन जोड़कर जीत में अपना योगदान दिया।