नई दिल्ली: आगामी लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों के मद्देनजर चुनाव सुधारों पर विचार-विमर्श के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से आज बुलाई गई राजनीतिक दलों की बैठक खत्म हो गई है। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों को ईवीएम और वीवीपीएटी से दिक्कत है। आयोग उनकी मांगों पर विचार करेगा। वहीं कुछ पार्टियों ने कहा कि मतपत्र पर वापस जाना ठीक नहीं क्योंकि यह बूथ कैप्चरिंग वापस लाएगा। चुनाव आयुक्त ने कहा कि हमने सभी दलों के विचार और समस्यों को सुना है। हमारी पूरी कोशिश है कि हम सभी का सकारात्मक हल निकालें।

बता दें कि आयोग ने इस बैठक के लिए सात पंजीकृत राष्ट्रीय दलों और 51 क्षेत्रीय दलों को आमंत्रित किया था। बैठक में मतदाता सूचियों की पारदर्शिता, राजनीतिक दलों के चुनाव खर्च को सीमित करने तथा खर्च की ऑडिट रिपोर्ट निर्धारित समय पर पेश करने जैसे मुद्दों पर चर्चा भी हुई।

बैठक में पोस्टल वोट को इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से भेजने और विकलांग मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया में अधिक से अधिक शामिल किए जाने के बारे में राजनीतिक दलों की राय भी जानी गई।