अमेरिकी टेक्नॉलॉजी दिग्गज गूगल ने आज भारत में गूगल फॉर इंडिया इवेंट आयोजित किया. यह इस इवेंट का चौथा चरण है और इस दौरान कंपनी ने भारत के लिए कुछ खास फीचर्स पेश किए हैं. गूगल ने काफी पहले ही भारत के लिए एक पेमेंट ऐप तेज लॉन्च किया था. अब गूगल ने ऐलान किया है इसका नाम बदल कर Google Pay कर दिया गया है. आपको बता दें कि गूगल पे अमेरिका और दूसरे देशों में पहले से ही है.

इस इवेंट के दौरान गूगल ने कहा कि गूगल असिस्टेंट को अब हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में शुरू किया जा रहा है. इसके साथ ही हाईलाईट्स की बात करें तो कंपनी ने कहा है कि कंपनी कई प्रोजेक्ट ला रही है जिससे पब्लिशर्स को आसानी होगी.

गूगल इंडिया और साउथ एशिया के वाइस प्रेसिडेंट राजन आनंदन ने इस इवेंट के कीनोट सेशन में कहा है, ‘वॉयस, वीडियो और मातृभाषा इंटरनेट यूजर्स का भविष्य है. सर्च करने के लिए लोग अब वॉयस को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं. हम भारत में वॉयस सर्च में बड़ी बढ़ोतरी देख रहे हैं. 75 फीसदी है मोबाइल ट्रैफिक सिर्फ ऑनलाइन वीडियोज से आते हैं. ज्यादातर भारतीय यूजर्स अब भारतीय भाषाओं को ऑनलाइन यूज कर रहे हैं और उम्मीद है अगले दो साल तक इनकी संख्या 500 मिलियन तक हो जाएगी. 95 फीसदी वीडियो की खपत मातृभाषा में होती है.’

Google तेज अब हुआ Google Pay

गूगल पेमेंट ऐप तेज का नाम बदल कर Google Pay कर दिया गया है. हालांकि कंपनी ने कहा कि इसके यूजर इंटरफेस में आपको ज्यादा बदलाव नजर नहीं आएगा. लेकिन कंपनी ने इसमें कुछ नए फीचर्स जरूर जोड़े हैं. होम स्क्रीन अब भी पहले जैसी ही होगी और इसमें मोबाइल रिचार्ज, सेंड गिफ्ट और पेमेंट जैसे ही ऑप्शन दिखेंगे. आने वाले कुछ हफ्तों में इसमें कुछ बदलाव किए जाएंगे और इसके जरिए दुकान में शॉपिंग के बाद पैसे दे सकेंगे. क्योंकि इसमें अब मर्चेंट का भी सपोर्ट दिया जाएगा.
Google Pay के जरिए मिलेगा इंस्टैंट लोन

गूगल ने कहा कि कंपनी बैंक के साथ मिल कर काम कर रही है और गूगल पे यूजर्स को बिना किसी परेशानी के आसानी से इस ऐप के जरिए लोन दिया जाएगा. लोन की रकम यूजर्स के अकाउंट में जमा कर दी जाएगी.
गूगल मैप्स

गूगल मैप्स में कुछ फीचर्स दिए जाएंगे जिससे भारतीय यूजर्स को नेविगेशन में सहूलियत होगी. गूगल मैप्स गो में टर्न बाई टर्न नेविगेशन सपोर्ट दिया जाएगा जिससे पहले से बेहतर ट्रांसपोर्ट गाइडलाइन मिलेगी. यानी यूजर्स को आने वाले स्टॉप्स के बारे में जानकारी मिलेगी. कंपनी ने रेड बस के साथ पार्टनर्शिप की है जिसके बारे में भी जानकारी गूगल मैप्स में यूजर्स को मिलेगी.
गूगल असिस्टेंट

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग डायरेक्टर प्रवीर गुप्ता ने कहा, ‘भारत गूगल असिस्टेंट को पसंद करता है. पिछले साल के मुकाबले भारत में गूगल असिस्टेंट का इस्तेमाल तीन गुना बढ़ा है.’  उन्होंने कहा कि गूगल असिस्टेंट में अब मराठी भाषा का भी सपोर्ट दिया जा रहा है.

गूगल सर्च, इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट ने कहा, ‘गूगल सर्च को फायदेमंद बनाने के लिए इसमें जरूरी कॉन्टेंट होना महत्वपूर्ण है खासकर उन भाषाओं में जो आपको समझ आती है’ गूगल ने भारतीय कॉन्टेंट को लेकर नए ऐलान बी किए हैं. कंपनी के मुताबिक गूगल 1 लाख से ज्यादा भारतीय ऑफलाइन पब्लिशर्स के साथ काम कर रही है.

कंपनी ने प्रोजेक्ट नवलेखा के बारे में भी बताया जो ऑफलाइन कॉन्टेंट को वेबसाइट पर अपलोड करना आसान बनाता है. इस टूल के तहत महज कुछ क्लिक्स के जरिए ही ऑफलाइन कॉन्टेंट के टेक्स्ट को सेलेक्ट करके वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं.