राजेंद्र शर्मा: आधी सदी से जारी है पत्रकारिता का सफ़र अपना जमाना आप बनाते हैं अहल-ए-दिल, हम वो नहीं कि जिन को जमाना बना गया। राजेंद्र शर्मा ने अपने बाल धूप में सफेद नहीं किए। पूरे 51 बरस हो गए हैं इने पत्रकारिता करते हुए। गोया के भारतीय पत्रकारिता के हर आयाम को इन्ने करीब से देखा है। 21 बरस की उम्र रही होगी जब इन्ने 1967 में ग्वालियर में राजमाता विजया राजे सिंधिया के अखबार हमारी आवाज में बतौर रिपोर्टर पत्रकारिता शुरु करी। बाद में येई अखबार स्वदेश के रूप में हमारे सामने आया। संघ से जुड़ा होने की वजह से स्वदेश में एक विचारधारा के दीदार तो खैर हमेशा ही रहे। बाकी तब कड़ियल जवानी के साथ शुुरु हुई इनकी सहाफत का सफर आज 72 बरस की बुजुर्गी में भी जारी है। ये बात और है कि राजेंद्र शर्मा आज भी उसी जोश और जुनून के साथ पत्रकारिता को जी रहे हैं। आपातकाल के दौर में इन्होंने इंदौर स्वदेश का सफलतापूर्वक संचालन किया और व्यवस्था की मुखालिफत जारी रखी। आज स्वदेश भोपाल के अलावा जबलपुर, बिलासपुर, सागर से शाया हो रहा है। स्वदेश का अटल विशेषांक और राजमाता की याद में पुण्यस्मरण वाला अंक लोग आज भी याद करते हैं। राजेंद्र शर्मा अटलजी के पीएम रहते हुए उनके साथ कई देशों की यात्रा पर भी गए। पत्रकारिता के लिए कई राष्टÑीय पुरुस्कार इनके खाते में हैं। पत्रकारिता के इनके 51 बरसों को यादगार बनाने के लिए 1 सितंबर को इनका अभिनंदन हो रहा है। विस के स्पीकर सीतासरन शर्मा, साहित्यकार कैलाश चन्द्र पंत, लाजपत आहूजा और स्वदेश के प्रबंध संपादक अक्षत शर्मा इस सारस्वत अभिनंदन को आयोजित कर रहे हैं। इस मौके पर डॉ मुरली मनोहर जोशी, त्रिपुरा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर सहित कई नेता और पत्रकार मौजूद होंगे। ये कार्यक्रम समन्वय भवन में शाम 5 बजे होगा। बिलाशक नई और पुरानी पीढ़ी के पत्रकारों के  लिए ये प्रोगराम यादगार रहेगा।