मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने वेरीफएिबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों या मतपत्र प्रणाली उपलब्ध नहीं होने तक सभी राजनीतिक पार्टियों से चुनावों का बहिष्कार करने का आग्रह किया है। विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रमुखों को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि 2014 में हुए चुनाव के बाद से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता को लेकर संशय पैदा हुए है।

उन्होंने दावा किया कि ईवीएम में छेड़छाड़ किए जाने के आरोप सभी चुनावों में सही साबित हो रहे हैं। ठाकरे ने सवाल किया,‘कई निर्वाचन क्षेत्रों में हमारे पार्षदों और विधायकों ने लगातार काम किया है लेकिन फिर भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। यहां तक कि कई स्थानों पर तो उम्मीदवारों को शून्य मत मिले। अब, यह कैसे संभव हो सकता है।’ उन्होंने कहा कि अमरीका, इंग्लैंड, जर्मनी, नीदरलैंड, जापान और कोरिया जैसे दुनिया के देश ईवीएम के इस्तेमाल को पहले ही बंद कर चुके हैं और मतपत्र प्रणाली को फिर से बहाल किया है।

मनसे प्रमुख ने पूछा,‘भारत, नाइजीरिया, वेनेजुएला उन देशों में शामिल हैं जो अभी भी ईवीएम का इस्तेमाल कर रहे है। हम इस विवादित तरीके पर क्यों जोर दे रहे हैं।’ ठाकरे ने कहा,‘मैं सभी राजनीतिक पार्टियों से उस समय तक एक साथ आने की अपील करता हूं जब तक वीवीपैट मशीनें या मतपत्र प्रणाली उपलब्ध नहीं हो जाती है। हम चुनाव नहीं लड़ेंगे।’ मनसे सचिव सचिन मोरे ने बताया कि पत्र के साथ ठाकरे ने एक पेन ड्राइव संलग्न किया है जिसमें एक ऑडियो-विजुअल के जरिए दिखाया गया है कि ईवीएम को किस तरह से हैक किया जा सकता है।