नई दिल्ली: इंटरनेट सनसनी प्रिया प्रकाश वारियर की पहली फिल्म 'उरु उदार लव' के निर्देशक ओमर लुलु को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने ओमर लुलु के खिलाफ दर्ज मुकदमे को रद्द कर दिया है. फिल्म के एक गाने पर मचे विवाद के बाद यह मामला कोर्ट पहुंचा था. कोर्ट ने साफ तौर से कहा कि इस गाने पर सवाल उठाना बेबुनियाद है. इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म 'पद्मावत' और क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के खिलाफ दर्ज FIR के पुराने मामले को आधार माना है.

नाराज सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को कहा कि किसी ने फिल्म में काम किया और आपने FIR रजिस्टर्ड कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता का कहना है कि गाना केरल में 1978 से गया जा रहा है. उनके खिलाफ FIR दर्ज की जा सकती है, क्योंकि अभी तो फिलम रिलीज भी नहीं हुई है. हालांकि गाना यूट्यूब पर फ़िल्म के प्रमोशन के लिए डाला गया है.

शिकायतकर्ता मोहम्मद खान ने कहा है कि इस गाने से एक समुदाय विशेष के लोगों की भावना आहत हुई है. उन्होंने कहा कि गाने से उन्हें समस्या नहीं है, लेकिन जिस तरह से उसे फिल्माया गया है, उससे शिकायत है. दरसअल, इंटरनेट सेंसेशन प्रिया प्रकाश और उनकी आने वाली फिल्म के निर्देशक ओमर लुलु ने उनके खिलाफ महाराष्ट्र और हैदराबाद में दर्ज किए गए मामले को खारिज किये जाने की अपील की थी. फिल्म के वायरल हुए गाने को लेकर इन दोनों राज्यों में इनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है.

जिस गाने पर विवाद हैं उसके बोल हैं- 'माणिक्य मलराय पूवी'. मुकदमा में कहा गया था कि केरल का मुस्लिम समुदाय इस गाने को पिछले 40 सालों से गाता आ रहा है और अब इसे पैगंबर और उनकी पत्नी की बेइज्जती के तौर पर देखा जा रहा है.'

फिल्म 'उरु उदार लव' के निर्देशक ओमर लुलु ने कहा कि इस गाने में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओमर लुलू ने कहा- ये मालाबार एरिया में शादी समारोहों में गाया जाने वाला बेहद आम गीत है. हमें मीडिया के जरिए पता चला कि इसके खिलाफ शिकायत की गई है. 1973 के बाद से ये गाना लगातार गाया जा रहा है. इस गाने में पैगम्बर मोहम्मद के बारे में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है.