मुंबईः एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए कल जब भारतीय टीम का चयन होगा तो कप्तान विराट कोहली के कार्यभार और बल्लेबाजी के मध्यक्रम पर फोकस रहेगा । भारतीय टीम ढाई महीने में इंग्लैंड दौरे के बाद टूर्नामेंट खेलेगी, जिसमें शीर्ष खिलाडिय़ों को आराम दिए जाने की संभावना कम ही है । भारत का सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से दो और फाइनल में पहुंचने पर तीन बार भी हो सकता है ।

कोहली कमर की तकलीफ से जूझ रहे हैं और अगले तीन महीने में छह टेस्ट और खेलने हैं जिनमें दो वेस्टइंडीज और चार आस्ट्रेलिया के खिलाफ शामिल है । चयनकर्ताओं को कोहली के कार्यभार को लेकर भी एहतियात बरतनी होगी । कोहली के टूर्नामेंट से बाहर रहने की संभावना कम ही है लेकिन वह नहीं खेलते हैं तो रोहित शर्मा कप्तानी करेंगे । मध्यक्रम में शिखर धवन और रोहित शर्मा का खेलना तय है जबकि के एल राहुल तीसरे नंबर पर उतर सकते हैं।

कोहली के बाद के दो बल्लेबाजी क्रम चिंता का सबब हैं । मनीष पांडे लगातार अच्छा नहीं खेल सके हैं लेकिन चार टीमों की श्रृंखला में वापसी करते हुए उन्होंने इंडिया बी के लिए चार मैचों में 306 रन बनाये । अंबाती रायुडू यो यो टेस्ट में कामयाब रहे और भारत ए के लिये रन भी बनाये । केदार जाधव भी फिट हैं और उपयोगी आफ ब्रेक गेंदबाज भी हैं । मयंक अग्रवाल भी कर्नाटक और भारत ए के लिये काफी रन बना चुके हैं ।

गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह आक्रमण की अगुवाई करेंगे। शार्दुल ठाकुर और सिद्धार्थ कौल भी उमेश यादव के साथ चयन के लिए दावेदारी पेश करेंगे । विकेटकीपिंग का जिम्मा महेंद्र सिंह धोनी का रहेगा और उनसे सीखने के लिये रिषभ पंत को टीम में शामिल किया जा सकता है ।