नई दिल्ली : नेपाल में चल रहे बिम्स्टेक (बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक को-ऑपरेशन) सम्मेलन के दूसरे तथा आखिरी दिन प्रधानमंत्री ने कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता की.

बिम्सटेक सम्मेलन में शिरकत करने के लिए नेपाल के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की. नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली भी उनके साथ थे. पीएम मोदी ने यहां काठमांडू में एक धर्मशाला का भी उद्घाटन किया. पशुपतिनाथ धर्मशाला में 400 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है और यह धर्मशाला भारत-नेपाल मैत्री का प्रतीक है. 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने नेपाल की अपनी पहली यात्रा में इस धर्मशाला के निर्माण का ऐलान किया था. भारत ने इसके निर्माण में 25 करोड़ रुपये की मदद की थी.

पशुपतिनाथ धर्मशाला का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने एक जनसभा को भी संबोधित किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि नेपाल के विकास के लिए भारत का सहयोग हमेशा-हमेशा रहेगा. काठमांडू की धरती हिंदू और बौद्ध धर्म की संगम स्थली है. बुद्ध द्वारा दिखाया गया रास्ता अतिवाद और आतंकवाद को ख़त्म करने का सफल मार्ग है. उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं और दोनों देशों के बीच शिव भक्ति और शिव भक्तों का संबंध बेहद मज़बूत हैं. पीएम मोदी ने कहा कि पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में बनी धर्मशाला सिर्फ़ इमारत नही बल्कि भारत-नेपाल मैत्री का प्रतीक, ये इमारत नेपाल में पर्यटन के विकास के लिए भी अहम है.