लखनऊः राफेल लड़ाकू विमान खरीद को देश का सबसे बड़ा घोटाला करार देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद आनंद शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि इसके लिये सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिम्मेदार हैं और अगले साल सत्ता में आने के बाद उनकी पार्टी इस महाघोटाले से पर्दा उठाने के लिए राष्ट्रीय जांच आयोग का गठन करेगी। शर्मा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राफेल विमान खरीद सौदे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने चंद पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिये देश हित को दांव पर लगा दिया। उन्होंने पूरे मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग की।  

राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल के दौरान 12 दिसंबर 2012 को फ्रांस की कंपनी के साथ हुए करार के अनुसार जिस कीमत पर राफेल विमान को खरीदा जाना था, उसे न केवल तीन गुना से अधिक कीमत पर खरीदा गया बल्कि विमान तकनीक के हस्तानांतरण का अधिकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के बजाय उस विदेशी कंपनी को दिया गया जिसमे देश के एक पूंजीपति घराने की भागीदारी थी।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने देश हित को दरकिनार कर इस विमान सौदे के मार्फत सरकारी खजाने को 41 हजार 205 करोड रूपये का चूना लगाया। आजाद भारत का यह सबसे बडा रक्षा सौदा घोटाला है जिसके लिये सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिम्मेदार हैं। अमेरिका,फ्रांस और यूरोप समेत दुनिया के छह बड़े देशों में इस घोटाले की गूंज सुनायी दे रही है और दुनिया में देश की छवि तार तार हुयी है जिसके बावजूद सरकार इस मामले में पर्दा डालने का प्रयास कर रही है।   

राज्यसभा सांसद ने कहा कि पहले नोटबंदी के जरिये सरकार ने देश की जनता को छला जिसकी चुभन से आज भी विशेषकर गरीब और मध्यमवर्गीय उबर नहीं पाया है जिसके बाद राफेद खरीद सौदे ने सरकार को बिल्कुल बेनकाब कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस मामले में अपनी संलिप्तता उजागर करनी चाहिये। अगर भाजपा सरकार अब भी इस मामले में अडियल रूख अख्तियार करती है और मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की विपक्ष की मांग को अनसुना करती है तो अगले साल लोकसभा चुनाव में निश्चित जीत दर्ज करने के बाद कांग्रेस इस मामले को लेकर राष्ट्रीय जांच आयोग गठित करेगी और पूरे घोटाले का पर्दाफाश जनता के सामने करेगी।