जयपुर: राजस्थान की धरती वीरों से भरी है. यही वजह है कि यहां से बड़ी संख्या में लोग सेना में भर्ती होते हैं. ऐसे में स्वभाविक है कि यहां शहीदों का परिवार भी बड़ी संख्या में हैं. खास बात यह है कि शहदों के परिवार के प्रति गांव-समाज का भी एक अलग लगाव होता है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने शहीद के परिजनों के लिए बड़ी सुविधा का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 1947 के बाद देश के लिए जान कुर्बान करने वाले शहीदों के परिजनों में से कम से कम एक को सरकारी नौकरी देने का निर्णय किया है. इसके लिए राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर 15 सितंबर से शिविर लगाए जाएंगे.

वसुंधरा ने राजस्थान गौरव यात्रा के दौरान शनिवार को प्रदेश के बाड़मेर में यह घोषणा की. इसके तहत आजादी के बाद के उन शहीदों के परिजनों को कम से कम एक नौकरी मिलेगी जिन्हें अब तक ऐसा लाभ नहीं मिला है. राज्य सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष (राज्य मंत्री) प्रेम सिंह बाजौर ने एक बयान में कहा है कि इसके लिए 15 सितम्बर के बाद राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर शिविर लगाकर मौके पर ही मामलों का निस्तार किया जाएगा.

इसके तहत 1100 से अधिक शहीदों के परिजनों (ब्लड रिलेशन) को नौकरी दिए जाने की उम्मीद है. इन शिविरों की शुरुआत झुंझुनू से होगी.

'ईमानदारी से काम करने का संकल्प हो तो संसाधनों की कमी नहीं होती'
इससे पहले बाड़मेर में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने जनता का पैसा जनता के विकास कार्य पर ही खर्च किया है और बिना भेदभाव के प्रत्येक जाति को गले लगाया है. राजे अपनी राजस्थान गौरव यात्रा के तहत बाड़मेर जिले के गुढामालानी में जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं. उन्होंने कहा कि जब मन में इच्छा शक्ति और ईमानदारी से काम करने का संकल्प हो तो संसाधनों की कमी नहीं रहती और जब काम होता हुआ दिखता है तो लोग भी साथ आते हैं.

उन्होंने कहा,‘‘हमने पूरी पारदर्शिता के साथ कुशल प्रबन्ध कर जनता का पैसा जनता के विकास कार्य पर ही खर्च किया है और बिना भेदभाव के प्रत्येक जाति को गले लगाया है.’’ उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए पैसों की कोई कमी नहीं है.

'विकास यात्रा में आगे निकल रहा है राजस्थान'
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी पिछड़े समझे जाने वाले बाड़मेर जैसे जिले आज विकास यात्रा में आगे निकल चुके हैं. उन्होंने उनकी सरकार द्वारा बालिका एवं महिला कल्याण, महिला सुरक्षा, किसान, सैनिक कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं बिजली-पानी जैसे क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यो की जानकारी दी.

उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात की और उन्हें मिले लाभ के बारे में जानकारी ली. उन्होंने गुढ़ामालानी विधानसभा क्षेत्र में कई विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया. उन्होंने कहा कि नर्मदा-गुढामालानी जल परियोजना में क्षेत्र के 263 गांवों को मीठा पानी देने का काम जारी है. उन्होंने कहा कि पचपदरा में रिफाइनरी पर काम शुरू हो चुका है जिसे मौके पर जाकर देखा जा सकता है और जल्द ही यहां पेट्रोलियम स्कूल शुरू होगा. मुख्यमंत्री ने जैन संत तरूण सागर के निधन पर दुख प्रकट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी.