कोलकाता : राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक गौतम घोष 12 साल बाद हिन्दी फिल्म जगत में अपनी नई फिल्म ‘वन डे इन द रेन्स’ के साथ वापसी की तैयारी में हैं। हालांकि फिल्म का शीर्षक अस्थायी तौर पर यह रखा गया है।
 

फिल्म के लिए बारिश से प्रभावित झारखंड के पहाड़ी मैदानों में शूंिटग में व्यस्त घोष का कहना है कि इसकी कहानी एक प्रख्यात लेखक की लघु कथा पर आधारित है।
 

उन्होंने कहा, ‘‘कहानी की मांग के मुताबिक बारिश में कई दृश्य फिल्माए जाने थे। मैं खुश हूं कि कहानी लिखते वक्त मैंने जिन क्षणों की कल्पना की थी उन्हें मैं कैद कर सका।’’
 

फिल्म में आदिल हुसैन, तिलोत्तमा शोम और नीरज काबी मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म अगले साल रिलीज होगी।
 

अपनी फिल्मों ‘पार’, ‘पतंग’, ‘गुड़िया’ के लिए देश-विदेश में प्रशंसा बटोर चुके घोष ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘फिल्म के लिए आउटडोर शूंिटग 20 दिनों में खत्म हो गई थी। हम शूंिटग में देर नहीं कर सकते थे क्योंकि मॉनसून सीजन लगभग खत्म होने के करीब पहुंच चुका था।’’
 

उन्होंने कहानी के बारे में ज्यादा न बताते हुए कहा कि यह फिल्म ग्रामीणों के एक समूह और बुजुर्ग दंपति पर केंद्रित है जो ‘‘संकट के समय में मानवीय संवेदना’’ की बात करता है।
 

उन्होंने कहा, ‘‘हमने छोटा नागपुर पठार के कुछ अज्ञात स्थानों पर दृश्य फिल्माए हैं। मैं आशा कर रहा हूं कि लोग फिल्म का लुत्फ उठा पाएंगे।’’
 

अपने नाम पर 16 राष्ट्रीय पुरस्कार दर्ज कराने वाले घोष ने भविष्य की अपनी योजना बताते हुए कहा कि वह इंडो-इटेलियन सहयोग से बनने वाली फिल्म पर काम करेंगे।