प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) की सदस्य शमिका रवि ने कहा कि सरकार ने कई सुधारों को आगे बढ़ाया है, लेकिन पिछले चार साल के दौरान इस मोर्चे पर और बहुत कुछ किया जा सकता था। रवि ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी), दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) लागू किया तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रणाली को काफी उदार किया है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को और अधिक करना चाहिए था।

रवि ने एक साक्षात्कार में कहा कि मेरा मानना है कि देश में बड़े-बड़े सुधारों को लेकर काफी इच्छा है। हम और बहुत कुछ कर सकते थे। आर्थिक मोर्चे पर देखा जाए तो मेरा मानना है कि मोदी का चुनाव विकास और आर्थिक सुधारों के लिए जनादेश था। उन्होंने कहा कि सरकार उदारीकरण को लेकर और बहुत कुछ कर सकती थी।

रवि ने कहा कि आईटीडीसी होटल, एयर इंडिया के साथ हमारे पर एसे सार्वजनिक उपक्रम हैं जिनके विनिवेश पर निश्चित रूप से आगे बढऩा चाहिए। देश में निजी एयरलाइंस कारोबार तेजी से आगे बढ़ रहा है। रवि ने राष्ट्रीय एयरलाइन एयर इंडिया को फिर खड़ा करने की सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कारोबार को चलाने में सरकार की भूमिका को लेकर मुझे कम भरोसा है। एयर इंडिया के पुनरोद्धार की क्या योजना है और हमें ऐसा करने की क्यों जरूरत है? हमारे यहां निजी एयरलाइंस तेजी से पंख पसार रही हैं।

मौजूदा वैश्विक शुल्क युद्ध को रवि ने भारत के लिए बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि हमें आगे बढ़कर इसकी वजह से पैदा होने वाले अंतर को पाटने का प्रयास करना चाहिए। बता दें कि इससे पहले शमिका ने नोटबंदी को लेकर भी कई सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि नोटबंदी के बाद देश में कर अनुपालन बेहतर हुआ है, हालांकि इसका बुरा पक्ष यह रहा कि नोटबंदी की पूरी प्रक्रिया को और बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता था।