बेंगलुरू: 2019 लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में सोमवार को कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन बीजेपी के मुकाबले काफी आगे निगल गया है. बीजेपी ने कड़ी चुनौती जरूर दी लेकिन सत्तारूढ़ गठबंधन के चलते वह स्थानीय निकाय में बहुमत में है. राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, शनिवार को हुए चुनावों में कांग्रेस को 982 सीटों पर जीत मिली और बीजेपी के खाते में 929 सीटें आई. अभी तक 2,709 में से 2,628 सीटों के नतीजे घोषित किए गए हैं. राज्य सरकार  गठबंधन में होने के बावजूद कांग्रेस और जेडीएस ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था लेकिन उन्होंने पहले ही एलान कर दिया कि वे शहरी निकाय चुनावों के बाद गठबंधन करेंगे. बीएसपी को 13 सीटें मिली हैं जबकि अन्य दलों को 34 सीटें मिली हैं.

कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर 1,339 सीटें जीती हैं जिसके साथ उन्हें स्पष्ट तौर पर भाजपा पर बढ़त और यूएलबी की अधिकतम सीटों पर कब्जा मिल गया है. यह चुनाव कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार के लिए परीक्षा मानी जा रही थी. राज्य में तीन नगर निगमों, 29 नगर परिषदों, 52 शहरी नगर परिषदों और 20 शहरी पंचायतों के लिए चुनाव हुए. कोडागु में हाल में आई बाढ़ के कारण जिले के शहरी स्थानीय निकाय के लिए चुनाव स्थगित कर दिए गए थे.

बीजेपी को निकाय चुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन को हार की मुख्य वजह बताया. हालांकि उन्होंने यह भी कह कि इस गठबंधन का असर 2019 के लोकसभा चुनाव में नहीं पड़ेगा. गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. चुनाव बाद कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन सरकार बनाई थी और कुमारस्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने थे.

उधर, नतीजों से उत्साहित जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा ने कहा कि वह कामयाब रहे. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन आगे भी जारी रहेगा. कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "शहर के मतदाता ज्यादातर बीजेपी को वोट देते हैं लेकिन अभी तक जो परिणाम सामने आए हैं. उसके मुताबिक उन्होंने भी इस बार जेडीएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार का पूरा समर्थन किया है.