कोलकाता: दक्षिण कोलकाता के मांझेरहाट में फ्लाइओवर का हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हुआ है. गनीमत यह रही कि इस हादसे में अभी तक किसी के मारे जाने की खबर नहीं है. हादसे में 6 लोग घायल बताए जा रहे हैं. जिनका इलाज पास के अस्पताल में चल रहा है. बताया जा रहा है कि ये पुल करीब 40 साल पुराना था. जिस वक्त ये हादसा हुआ था उस वक्त पुल पर कई वाहन थे. इस पुल के नीचे रेलवे लाइन है. ऐसा बताया जा रहा है कि वहां भी कुछ मौजूद थे. प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे पर चिंता जाहिर करते हुए राहत और बचाव कार्य के बारे में अधिकारियों से जाना.

ममता बनर्जी दार्जिलिंग में हैं और कोलकाता पहुंचने के लिए उन्हें निकट के बागडोगरा एयरपोर्ट से रवाना होना था. लेकिन ममता दीदी ने कहा कि शाम के वक्त यहां से कोई फ्लाइट नहीं है. इसलिए आना बहुत मुश्किल है. ममता बनर्जी ने कहा, 'घटना को लेकर बहुत चिंतित हूं, रेसक्यू टीम से लगातार संपर्क बनाए हुए है. मैं जल्द से जल्द कोलकाता पहुंचने की कोशिश कर रही हूं. लेकिन शाम को कोई फ्लाइट नहीं है, इसलिए ऐसा संभव नहीं लग रहा है. हमारी टीम का फोकस राहत और बचाव कार्य पर है, हमारी प्राथमिकता बचाव और राहत कार्य की है. बाकि हादसे की जांच की बाद में की जाएगी.'

वहीं पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री फिरहद हकीम ने मीडिया को बताया कि हादसे में जो लोग फंस गए थे उन्हें बचा लिया गया है. हादसे में किसी के भी मारे जाने की कोई खबर नहीं है. हादसे में घायल हुए 6 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

Six people have been admitted to hospital: Firhad Hakim, West Bengal Minister on Majerhat bridge collapse. #Kolkata https://t.co/neP4XmBVLO

— ANI (@ANI) September 4, 2018

बीजेपी नेता, रूपा गांगुली ने कहा, 'कोलकाता के कई पुलों की हालत बहुत खराब है, कई पुलों में दरारें पड़ चुकी है. भ्रष्टाचार की वजह से गिरा है पुल.' केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा, 'कोलकाता में बेगुनाह लोगों की जान जा रही है, बंगाल में सिंडिकेट सरकार चल रही है. बंगाल के सिंडीकेट से ममता बनर्जी मिली हुई हैं.'

प्रत्यक्षदर्शी ने मीडिया को बताया, 'बड़ी जोर से आवाज सुनी, उसके बाद से पूरे इलाके में बिजली चली गई. हमने आकर देखा तो लोग फंसे हुए थे. कई गाड़ियां फंसी हुई थी. मौके पर सीपी साहब भी आए है. लोकल थाने से भी पुलिस वाले है. बहुत सी बाइक नीचे फंसी हुई है. कितने लोग मरे होंगे इसकी कोई जानकारी नहीं है, लेकिन घायलों की संख्या अधिक हो सकती है.'

हादसे के वक्त सेना को नहीं बुलाया गया है, लेकिन यह इलाका आर्मी फील्ड अस्पताल से काफी नजदीक है, इसलिए सेना को अलर्ट पर रखा गया है