जयपुर: केंद्र सरकार की ओर से एससी-एसटी एक्ट में लाए गए संशोधन बिल के विरोध में सवर्ण समाज संघर्ष समिति द्वारा 6 सितंबर को राजस्थान बंद का ऐलान किया है. समिति ने मंगलवार को हुई एक सभा में यह फैसला लिया है और साधु-संत भी इसे समर्थन दे रहे हैं. सवर्ण समाज संघर्ष समिति का कहना है कि केंद्र सरकार जातियों को आपस में लड़ाना चाहती है और इसलिए ऐसा किया जा रहा है लेकिन हम उनके इन मंसूबो को पूरा नहीं होने देंगे.

आपको बता दें, इस साल मार्च में महाराष्‍ट्र के एक सरकारी अधिकारी की याचिका पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति-जनजाति(एससी-एसटी) के खिलाफ अत्‍याचार निवारण कानून के सख्‍त प्रावधानों को नरम किया था. कोर्ट ने कहा था, इस श्रेणी के आरोपी की गिरफ्तारी शुरुआती जांच या वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक की अनुमति के बाद ही होगी. पहले इसमें तत्‍काल गिरफ्तारी का प्रावधान था.

इस फैसले के बाद देश में एससी-एसटी संगठनों ने आंदोलन किया. नतीजतन केंद्र सरकार ने मानसून सत्र में अध्‍यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल दिया. अब वह पुराने स्‍वरूप में फिर से लागू हो गया है. इस पर दलित संगठनों ने तो संतोष व्‍यक्‍त किया लेकिन सवर्ण समाज के कई तबकों में इसका विरोध शुरू हो गया है. जिसके चलते 6 सितंंबर यानी गुरुवार को सवर्ण समाज संघर्ष समिति द्वारा राजस्थान बंद का ऐलान किया गया है और इसमें राजपूत समाज, वैश्य सभा, गुर्जर महासभा, परशुराम सेना, ब्रह्मण महासभा सहित कई समाजों के पदाधिकारी और प्रतिनिधी शामिल होंगे.