नई दिल्ली : फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने बड़े भाई मलविंदर मोहन सिंह और रेलिगेयर के पूर्व प्रमुख सुनील गोधवानी के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने अपने बड़े भाई को कारोबारी भागीदारी से भी अलग कर दिया है।

शिविंदर सिंह ने कहा, मैंने मलविंदर और सुनील गोधवानी के खिलाफ एनसीएलटी में मामला दायर किया है। यह मामला आरएचसी होल्डिंग, रेलिगेयर और फोर्टिस में उत्पीडऩ और कुप्रबंधन को लेकर दायर किया गया है।’’ उनके मुताबिक मलविंदर और गोधवानी के सामूहिक और जारी कार्रवाइयों से कंपनियों और शेयरधारकों के हितों को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से यह कार्रवाई करना चाहते थे लेकिन इस उम्मीद में रुके हुए थे कि सद्बुद्धि आएगी और पारिवारिक विवाद का एक नया अध्याय नहीं लिखना पड़ेगा।

शिविंदर ने कहा, दो दशक से लोग मलविंदर और मुझे एक दूसरे का पर्याय समझते थे। हकीकत यह है कि मैं हमेशा उनका समर्थन करने वाले छोटे भाई की तरह था। मैंने सिर्फ फोर्टिस के लिए काम किया। 2015 में मैं भरोसेमंद हाथों में कंपनी छोड़ गया था। लेकिन दो साल में ही कंपनी की हालत खराब हो गई। परिवार की प्रतिष्ठा के कारण अब तक चुप रहा। कई महीनों से कंपनी संभालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन विफल रहा।