नई दिल्ली: एससी-एसटी एक्ट का विरोध कर रहे अनारक्षित वर्ग ने आज (6 सितंबर) को भारत बंद का ऐलान किया है. बंद के दौरान हिंसा और अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए पूरे प्रदेश में दोपहर तीन बजे तक के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है. इसके साथ ही बिना अनुमति धरना प्रदर्शन, रैली और समूह में एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. मध्य प्रदेश में सपाक्स, करणी सेना और ब्राह्मण संगठन के साथ तमाम सवर्ण संगठनों ने भारत बंद का समर्थन किया हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी जिलों में पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है. उधर, बंद के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जन आशीर्वाद यात्रा की ज्यादातर सभाएं हेलीकॉप्टर से पूरी करेंगे. हालही में शिवराज के काफिले पर हुए पथराव और SC/ST एक्ट के विरोध को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.

सवर्ण संगठनों के देशव्यापी आंदोलन को देखते हुए बिहार में भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. मध्य प्रदेश के श्योपुर, छतरपुर, अशोकनगर, गुना, ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी, दतिया और भिंड जिलों को संवेदनशील जिलों में रखा गया है. इसके अलावा इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, दतिया समेत कई जिलों में स्कूल संगठनों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्वेच्छा से स्कूल-कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया है. भिंड के कलेक्टर ने गुरुवार को सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों को बंद रखने का आदेश जारी किया है.

जबलपुर के जिलाधिकारी छावी भारद्वाज ने राज्य के गृह विभाग को चिट्ठी लिखकर बंद के दौरान इंटरनेट सेवा बंद रखने की मांग की है. उधर, प्रदेश में बंद का असर एक दिन पहले से ही व्यापक दिखने लगा. किसी अनहोनी के डर से सबसे पहले मध्य प्रदेश के पेट्रोल पंप संचालक एसोसिएशन ने पेट्रोल पंप बंद रखने का ऐलान किया. एपी पेट्रोल पंप संचालक एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने साफ किया की सुबह 10 बजे शाम 4 बजे तक पेट्रोल पंप बंद रहेंगे, ये निर्णय बंद के दौरान अप्रिय घटना से बचने के लिए ये निर्णय लिया गया है.

एमपी पीएचक्यू पूरे प्रदेश के हालातों पर नजर रखे हुए है. आईजी इंटेलिजेंस मकरंद देउस्कर की मानें तो मध्य प्रदेश के सभी रेंज आईजी और एसपी को हाई अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है, खुद प्रदेश के पुलिस के मुखिया डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला प्रदेश के हालातों को लेकर बैठकें कर रहे हैं, इंटेलिजेंस एडीजी राजीव टंडन, आईजी इंटेलिजेंस मकरंद देउस्कर और आईजी लॉ एंड ऑर्डर योगेश चौधरी ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक की, पीएक्चयू ने 2 जिलों में नेशनल हाईवे बंद करने का निर्णय लिया गया है. स्थानीय एसपी को भी जानकारी दी गई है, यही नहीं पूरे देश में 34 एसएएफ की कंपनी और 6 हजार आरक्षकों की तैनाती की गई हैं. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर में हथियारों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है.  

एससी एसटी एक्ट के विरोध में राजपूत करणी सेना की एंट्री से प्रशासन और पुलिस दोनों सकते में हैं. ग्वालियर में हुए स्वाभिमान सम्मेलन में कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर की हुंकार और राजपूत करणी सेना की खुली चुनौतियों से सवर्ण आंदोलन को और हवा मिली है. यही अफसरों को परेशान किए हुए है. इसके बाद ही अशोकनगर, गुना, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, छतरपुर और भिंड में 11 सितंबर तक के लिए धारा-144 लगा दी गई है.

विरोध के माहौल के बीच सीमावर्ती जिले जैसलमेर के सर्वसमाज ने भी विरोध प्रदर्शन की रणनीति तैयार कर ली है. जिसके तहत, संगठनों ने गुरुवार को जैसलमेर बंद रखने का आह्वान किया. सर्व समाज द्वारा बुधवार को शहर के हनुमान चौराहे पर एकत्र होकर विभिन्न व्यापारिक संगठनों एवं बाजार के दुकानदारों से बंद में सहयोग की अपील की गई. संगठनों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन देने की कार्ययोजना भी बनाई है. जैसलमेर के युवा वर्ग का कहना है कि इस काले कानून को लेकर न तो सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष कुछ भी बोलने को तैयार है. सभी राजनैतिक पार्टियां अपने-अपने वोटबैंक की चिंता कर रही हैं. युवाओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर समय रहते सरकार ने इस कानून में बदलाव नहीं किया तो युवा वर्ग आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनाव में नोटा को वोट देकर सरकार का विरोध करेगा.