हैदराबाद : 'एक देश एक चुनाव' पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना फिलहाल मूर्त रूप लेती नहीं दिख रही, लेकिन तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है, जिसमें राज्य विधानसभा को समयपूर्व भंग कराने का फैसला लिया जा सकता है. माना जा रहा है कि वह राज्य में समय से पूर्व विधानसभा भंग करने और पहले ही चुनाव कराने की बात कह सकते हैं.

वर्तमान तेलंगाना विधानसभा का कार्यकाल 2019 में खत्म हो रहा है और अगले आम चुनाव के साथ इस राज्य का विधानसभा चुनाव कराया जाना प्रस्तावित है. लेकिन चंद्रशेखर राव समय से पहले चुनाव करवाकर आम चुनाव से पहले अपने राज्य में लोगों का मूड भांपना चाहते हैं, साथ ही वह चाहते हैं कि आम चुनाव के दौरान स्थानीय मुद्दे हावी न रहें.

मुख्यमंत्री राव कई मौकों पर समय से पूर्व चुनाव कराए जाने का संकेत दे चुके हैं. अहम फैसले से पहले उन्होंने रविवार को आयोजित मेगा रैली में शक्ति प्रदर्शन किया था. विधानसभा भंग किए जाने को लेकर 6 सितंबर का दिन चुनने का कारण भी बेहद दिलचस्प है. पार्टी और मुख्यमंत्री से जुड़े करीबी सूत्रों के अनुसार राव ने 6 नंबर को अपने लिए बेहद लकी मानते हैं और उनका मानना है कि यह तारीख उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) प्रमुख के बारे में माना जाता है कि वह अंक विद्या, वास्तु और ज्योतिष पर काफी विश्वास करते हैं. उनके राजनीतिक फैसलों में भी इसका असर दिखता रहा है. तड़के सुबह मंत्रिमंडल की बैठक कराए जाने के बाद चंद्रशेखर राव राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन से मुलाकात कर सकते हैं और राज्य विधानसभा को भंग करने की गुजारिश कर सकते हैं.

राव को लगता है कि विधानसभा अगर इस समय भंग हो गया तो चुनाव आयोग साल के अंत में होने वाले 4 राज्यों (मिजोरम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान) में होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ यहां का चुनाव भी करा सकता है. विधानसभा भंग होने की सूरत में चंद्रशेखर राव अपने चुनावी अभियान की शुरुआत कर सकते हैं, जिसमें 50 दिनों में 100 बैठक भी शामिल है. यह अभियान 7 सितंबर से शुरू हो सकता है.