नई दिल्ली: आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा है कि अगर पाकिस्तान आतंकवाद बंद कर दे तो हम (भारत) भी नीरज चोपड़ा की तरह पेश आएंगे. हाल ही में इंडोनेशिया में हुए एशियाई खेलों में नीरज चोपड़ा ने पाकिस्तान और चीन के खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) में स्वर्ण पदक जीता था. चीन के किझेन लियू को सिल्वर और पाकिस्तान के अरशद नदीम को कांस्य पदक मिला था. पोडियम पर नीरज ने अशरद और लियू से हाथ मिलाया था. पाकिस्तानी प्लेयर अरशद से हाथ मिलाने का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में सेना प्रमुख ने कहा, 'पहल उनकी (पाकिस्तान) की तरफ से होनी चाहिए, उनको आतंकवाद रोकना है, अगर वो आतंकवाद रोकेंगे तो हम (आर्मी) भी नीरज चोपड़ा बनेंगे.' चोपड़ा का नदीम के साथ हाथ मिलाने वाला फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिस पर टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि यह दिखाता है कि ‘‘खेल के जरिये आप अपने बच्चे को सर्वश्रेष्ठ शिक्षा दे सकते हैं.’ तस्वीर के वायरल होने पर नीरज चोपड़ा ने सफाई दी है कि हाथ मिलाते वक्त उनका ध्यान ही नहीं था कि उनके अगल-बगल किस देख के खिलाड़ी हैं. चोपड़ा ने कहा कि पदक समारोह में उनका पूरा ध्यान सिर्फ राष्ट्रीय गान पर था. चेक गणराज्य में प्रशिक्षण ले रहे चोपड़ा ने कहा, ‘मुझे पता नहीं चला कि मैं उनके साथ खड़ा हूं. राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को ऊपर जाता देख मैं काफी भावुक हो गया था और इस स्तर पर पहुंचने के लिए की गई अपनी मेहनत और संघर्ष को याद कर रहा था.’

Pehel unki(Pak) taraf se honi chahiye,unko atankwaad rokna hai, agar woh atankwaad rokenge toh hum(Army) bhi Neeraj Chopra banenge: Army Chief General Rawat on being asked if sportsmanship was on display at Indo-Pak border. Neeraj Chopra had reached out to his Pak competitor(5.9) pic.twitter.com/YV7Mne8ue0

— ANI (@ANI) September 6, 2018

राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करने वाला यह खिलाड़ी एशियाई खेलों की भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल करने वाला देश का पहला खिलाड़ी है. उन्होंने कहा कि खेलों के जरिये नफरत फैलाने की जगह लोगों को करीब लाना चाहिए चाहिए. नदीम में बाद में दावा किया कि चोपड़ा उनके वाट्सऐप मैसेज का जवाब नहीं देते हैं. इस बारे में जब उन से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मुझे उसके द्वारा आमने-सामने मिलने की कोशिश के बारे में नहीं पता. अगर किसी ने मेरे पीठ पीछे कुछ कहा हो या पूछने की कोशिश की हो तो मुझे नहीं पता. अगर उसने मेरे फोन पर कोई मैसेज भेजा है तो मुझे नहीं पता. मैं बहुत ज्यादा मैसेज नहीं देखता.’

चोपड़ा से जब पूछा गया कि जकार्ता में 88.06 मीटर की दूरी से वह अपने 90 मीटर के लक्ष्य के करीब पहूंच गये है तो उन्होंने कहा कि उनके लिए स्वर्ण पदक ज्यादा मायने रखता है जिसमें राष्ट्रमंडल खेलों का भी स्वर्ण शामिल है. उन्होने ने कहा, ‘मैं दोनों में किसी एक को बेहतर नहीं चुन सकता, मेरे लिए दोनों महत्वपूर्ण है और मैं इससे खुश हूं. राष्ट्रमंडल खेलों में भी मैंने राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया था और यह मेरे जूनियर विश्व रिकार्ड से भी ज्यादा था. पहली बार मैंने किसी बहु-खेलों के टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता था. जकार्ता में 88 मीटर से दूर भाला फेंकने से भी मैं काफी खुश हूं.’

मालूम हो कि नीरज चोपड़ा ने जकार्ता में हुए इन खेलों में 88.06 मीटर दूर भाला फेंक कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया. इसमें चीन के लियू किझेन (82.22) को रजत और पाकिस्तान के अरशद नदीम (80.75) को कांस्य पदक मिला था.