मेहसाणा: गुजरात के मेहसाणा जिले में मंदिरों के बाहर बैठकर भीख मांगने वाला एक बुजुर्ग व्यक्ति इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल, इस शख्स ने भीख में मांगे 5000 रुपए केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दान किया है. इतना ही नहीं वह भीख में मिले पैसों से जरूरतमंद बच्चों की मदद करता है. वह मेहसाणा के अलग-अलग मंदिरों के बाहर बैठकर भीख मांगता और भीख में मिले पैसों से गरीब बच्चों की मदद करता है. इस शख्स को लोग खीमजी प्रजापति उर्फ गोदड़ी वाले बाबा के नाम से जानते हैं. मेहसाणा के एडिशनल क्लेक्टर ने भी इस बुजुर्ग की प्रशंसा की है.

गोदडी वाले बाबा के नाम से जाना जाने वाला यह शख्स गुजरात के मेहसाणा जिले के अलग-अलग मंदिरों के बाहर बैठकर भीख मांगता है और भीख में मिले पैसे गरीब बच्चों की शिक्षा और उनके लिए जरूरी चीजें खरीदने के लिए दान कर देता है. इस बार उसने केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए भीख में मिले 5000 रुपए दान किया है. 70 वर्षीय बुजुर्ग ने मेहसाणा के एडिशनल क्लेक्टर एच एम वोहरा को 5000 रुपए सौंपे.

मिली जानकारी के मुताबिक, यह बुजुर्ग शख्स भीख में मांगे गए पैसों से दिव्यांग बच्चों को कॉपी-किताब, पेंसिल, स्कूल यूनिफॉर्म और शिक्षा से जुड़ी अन्य चीजें दिलवाता है. उन्होंने बताया कि दान करने की यह प्रेरणा उन्हें जैन धर्मगुरु रत्नसुंदर महाराज साहब से मिली है. जानकारी के मुताबिक खीमजीभाई पिछले 20 साल से मेहसाणा में भीख मांग कर जरूरत मंद बच्चों की मदद करते हैं.

वोहरा ने बताया कि दानवीर भिक्षुक खीमजीभाई खुद दुव्यांग हैं. इसके बावजूद वह बैसाखी के सहारे कलेक्टर ऑफिस पहुंचे और केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 5000 रुपए दान किया. उन्होंने कहा कि इस शख्स को कैंसर है और जब हमें यह बात पता चली तो हमने विजापुर के आयुर्वेदिक चिकित्सालय में उनका इलाज करवाने की व्यवस्था की है.