झुकते घुटने, चेहरे पर झुर्रियां और हरेक दिन बीतने के साथ हम मौत के नजदीक पहुंचते जाते हैं। उम्र की किसी भी इंसान से दोस्ती नहीं रही है। मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी विडम्बना है कि वह हमेशा जवान रहना चाहता है लेकिन चाहकर भी अपनी उम्र को थाम नहीं सकता है।

हालांकि उम्र को बढऩे से तो रोका नहीं जा सकता है लेकिन वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज की है जिससे बुढ़ापे की प्रक्रिया जरूर धीमी हो जाएगी, यानी आप बहुत धीरे-धीरे बूढ़े होंगे। वर्ष 2020 तक इस तकनीक की मदद से मानव अंगों को फिर से नई जिंदगी दी जाएगी और इंसान 150 साल तक जी सकने में सक्षम होंगे। हार्वर्ड प्रोफैसर डेविड सिनक्लेयर और न्यू साऊथ वेल्स के शोधकत्र्ताओं ने एक नई तकनीक विकसित की है जिससे उम्र ढलने की प्रक्रिया को धीमा किया जा सकेगा।

2 साल में शुरू हो जाएगा शोध का मानव परीक्षण
इस रिसर्च में पाया गया कि चूहों को विटामिन ‘बी’ डैरिवेटिव पिल्स देकर उनका जीवनकाल 10 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा एक अच्छी बात यह सामने आई कि यह गोली उम्र के साथ बाल झडऩे की समस्या को भी कम करने में मददगार है। इस नई तकनीक में मॉलीक्यूल नाइकोटिनामाइड डिनूक्लेटाइड का विज्ञान काम करता है। इसे मानव शरीर में ऊर्जा उत्पन्न करने में सक्षम माना जाता है। इस रसायन का इस्तेमाल पहले ही पार्किन्सन रोग और जैट लैग से लडऩे में किया जा चुका है।

प्रो. सिनक्लेयर खुद एजिंग प्रोसैस को रोकने के लिए अपनी बनाई दवा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस गोली को खाने के बाद से उनकी उम्र 24 साल घट गई। प्रोफैसर ने दावा किया कि उनके पिता डेढ़ साल पहले इस गोली को लेने के बाद अब एडवैंचर स्पोर्ट्स जैसे कि वाटर राफ्टिंग में हिस्सा लेने लगे हैं।

गोली की कीमत एक कप कॉफी जितनी
वह कहते है कि, अगर आपको इस बुढ़ापे को रोकने वाले चमत्कार पर यकीन न हो तो बता दूं कि इस ट्रीटमेंट को लेने के बाद मेरी साली की 40 की उम्र में फर्टिलिटी वापस आ गई। रिपोर्ट के मुताबिक 5 साल के भीतर इसका इस्तेमाल पब्लिक कर सकेगी। इसकी कीमत एक कप कॉफी जितनी होगी। हालांकि डा.सिनक्लेयर ने चेतावनी दी है कि जब तक यह रिसर्च पेपर प्रकाशित न हो जाए या पूरी तरह से रिव्यू न कर लिया जाए, लोग एजिंग प्रोसैस को रोकने की कोशिश न करें।