नई दिल्लीः रैन बसेरा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से सख्ती दिखाई है.सुप्रीम कोर्ट ने आदेश का पालन न करने वाले 9 राज्यों पर जुर्माना लगाया है.कोर्ट ने 8 राज्यों पर एक-एक लाख का जुर्माना लगाया है जबकि हरियाणा पर 5 लाख का जुर्माना लगाया है. इनमें हरियाणा, चंडीगढ़, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा और उड़ीसा राज्य शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट ने ये जुर्माना 22 मार्च 2018 के आदेश को लागू न करने पर लगाया.दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 22 मार्च को राज्यों से कमेटी बनाने और उस कमेटी में सिविल सोसायटी के लोगों को शामिल करने का आदेश दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जिन राज्यों ने अब तक कोर्ट को रिपोर्ट नहीं भेजी है, उन्हें कोर्ट ने दो हफ्ते की मोहलत दी थी. 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट नहीं भेजी थी. कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि राज्यों की कमेटियों पर केंद्रीय कमेटी निगरानी रखेगी.22 मार्च को सुनवाई में जम्मू कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, अंडमान निकोबार, मणिपुर, मध्यप्रदेश, मेघालय ने कमेटी बनाने को लेकर कोई रिपोर्ट नहीं दी थी. रैन बसेरों के निर्माण प्रक्रिया पर सोशल ऑडिट कराने के सवाल पर कोर्ट ने कहा था कि इस पर आगे विचार करेंगे. पहले कमेटियां बन जाएं.इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को जमकर फटकार लगाई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आप 2011 की जनगणना के मुताबिक 1 लाख 22 हज़ार बेघर लोग है.अब आप कह रहे है 22 हज़ार लोग है. इसका मतलब है कि आप बाकी पैसे वापस कर दे.उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा था कि ये तुरंत का सर्वे तंग है, इसको आप अनदेखा करें. जिसपर कोर्ट ने कहा था कि इसे अनदेखा कैसे कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्य स्तर पर तीन सदस्यीय कमिटी बने. जिसमें एक सिविल सोसायटी के हो, दूसरा रिटायर्ड सचिव स्तर का अधिकारी और तीसरा प्रधान सचिव शहरी विकास विभाग का हो