नई दिल्‍ली: पाकिस्‍तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा की धमकी पर शिवसेना ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि जिस मुद्रा में पाक सेना प्रमुख धमका रहे हैं उस पर पीएम और रक्षा मंत्री के रुख के बारे में पूछा जाना चाहिए. चुनाव से पहले बीजेपी और पीएम ने कहा था कि वह पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (POK) को भारत का हिस्‍सा बना देंगे. हमें पीएम से इस पर सवाल पूछना चाहिए.

बाजवा ने भारत के साथ 1965 के युद्ध की 53वीं वर्षगांठ के मौके पर कहा था कि आजादी की लड़ाई में हम कश्‍मीर के साथ हैं. कश्‍मीर के भाईयों-बहनों की कुर्बानी को हम सलाम करते हैं. हम सरहद पर बहे लहू का हिसाब लेंगे

The manner in which Pakistan Army Chief has threatened, the PM & Defence Minister should be asked about it. Before election, BJP & the PM had said they will make Pakistan Occupied Kashmir, a part of India. We would like to ask the PM about it: Sanjay Raut, Shiv Sena pic.twitter.com/FVD0YCRfph

— ANI (@ANI) September 8, 2018

Now it is going to be 5 years of this govt. When you had asked for votes you had promised this and we had clapped for you. Where did that strength go now? Pakistan ke saath humko jo vyavhaar karna chahiye, wo vyavhaar boli ka nahi goli ka karna chahiye: Sanjay Raut, Shiv Sena pic.twitter.com/VzaMASMSff

— ANI (@ANI) September 8, 2018

शिवसेना नेता ने कहा कि अब सरकार को केंद्र में 5 साल हो गए. जब आप वोट मांग रहे थे तो आपने वादा किया था और हमने इसके लिए आपकी प्रशंसा भी की. लेकिन अब वह हौसला कहां चला गया? पाकिस्‍तान के साथ हमको जो व्‍यवहार करना चाहिए, वह व्‍यवहार बोली का नहीं गोली का करना चाहिए. शुक्रवार को पाकिस्तान में आयोजित रक्षा दिवस कार्यक्रम में पाक सैन्‍य प्रमुख ने फिर कश्मीर का राग छेड़ते हुए कहा था कि हम कश्मीर के भाइयों और बहनों द्वारा उनकी आजादी की लड़ाई में दी जाने वाले कुर्बानी के लिए सलाम करते हैं.

उन्‍होंने कहा कि पिछले दो दशक से युद्ध के तरीके बदल गए हैं. पाकिस्तान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की रक्षा में मुल्‍क ने अब तक 76,000 सैनिक खोए हैं. इनकी कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी. राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित इस कार्यक्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, राष्ट्रपति ममनून हुसैन भी मौजूद थे.