नई दिल्ली: मौसम विभाग ने देश के 12 राज्यों में रविवार को भारी बारिश की आशंका के चलते चेतावनी जारी की है. जानकारी के मुताबिक पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक रविवार के दिन मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा में भी बारिश से लोगों को परेशानी हो सकती है. इसके अलावा उत्तराखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी रविवार को तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए भी बारिश की चेतावनी जारी की है. कुल मिलाकर देश के 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.

अंतिम संस्कार करने गए थे और पानी में फंस गए
आपको बता दें कि एक ओर जहां पूर्वी और उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. वहीं दूसरी ओर देश के कई हिस्से पहले से ही बाढ़ और भारी बारिश के बाद बने हालातों से जूझ रहे हैं. ऐसी ही एक घटना में मध्य प्रदेश के मैहर में अंतिम संस्कार में शामिल होने गए 70 लोग उफनाते नाले के पानी के तेज बहाव में फंस गए. सभी लोग पानी कम होने का इंतजार करते रहे मगर पानी था कि कम होने का नाम ही नहीं ले रहा था. करीब 6 घंटा टीले में बैठे रहने के बाद प्रशासन ने उन्हें रेस्क्यू किया और सभी 70 लोग सुरक्षित निकाल लिए गए. जानकारी लगने के बाद पुलिस और मैहर सीमेंट के वर्करों ने रस्सियों की मदद से पानी के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.

ठीक ऐसे ही हाल में मध्य प्रदेश के शिवपुरी में गुंजारी नदी का जलस्तर बढ़ने से महिलाओं, बच्चों समेत 17 लोग बाढ़ में फंस गए थे. जानकारी लगते ही प्रशासन की रेस्क्यू टीम ने उन सभी को सुरक्षित बाहर निकाला. वहीं छत्तीसगढ़ के महेंद्रगढ़ में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए और उफनती नदी की तेज धारा में एक कार बह गई.

यूपी के उन्नाव में नगर पालिका अध्यक्ष और उनके सहयोगियों को डूबने से बचा लिया गया. घटना थाना बांगरमऊ थाना कोतवाली क्षेत्र की है. जहां नगर पालिका अध्यक्ष इजहार खान अपने सहयोगियों के साथ नाव के सहारे गांव रतई पुरवा में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटने जा रहे थे. तभी उनकी नाव का संतुलन बिगड़ गया और वो पलट गई. नाव पलटते ही सभी लोग पानी में डूबने लगे. जिसके बाद मौके पर मौजूद नाविकों और ग्रामीणों ने पानी में कूदकर सभी लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद बचा लिया. हादसे के बाद नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से राहत सामग्री पीड़ितों तक पहुंचाई गई.

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. इलाके के मंदिर और मकान पानी में डूब चुके हैं. लोग सड़क पर गाड़ियों से नहीं बल्कि नाव से सफर कर रहे हैं. एक आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ के चलते 200 गांवों के करीब बारह हजार लोग प्रभावित हुए हैं.

उत्तराखंड के पौड़ी में बारिश के बाद भूस्खलन तो हुआ लेकिन बड़ा हादसा टल गया. पहाड़ टूटकर गिरने की वजह किर्खु-मासो रोड बंद हो गया है. लेकिन पौड़ी में बस ड्राइवर की सूझबूझ के चलते एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. ड्राइवर ने पहाड़ से पत्थर गिरता देख बस को तुरंत पीछे कर लिया था. ड्राइवर के इस कदम से दर्जनों यात्रियों की जान बाल-बाल बची. वहीं दूसरी ओर देहरादून में डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. जानकारी के मुताबिक 20 डेंगू के मरीजों का इलाज जारी है. अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से इंतजाम भी किए गए हैं.