भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का रविवार को समापन हो गया. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद पहली बार हुई बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारणी की दो दिवसीय बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव में जीत के फॉर्मूले का जिक्र हुआ. वहीं इस बैठक में बीजेपी के वरिष्‍ठ नेताओं द्वारा मुख्‍य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और संभावित महागठबंधन पर भी जमकर हमला बोला गया.

बैठक के समापन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की लीडरशिप को पार्टी के अंदर भी स्वीकार नहीं किया जा रहा है. वहीं कई कांग्रेस को बोझ मानते हैं. लोकसभा चुनाव से पहले संभावित महागठबंधन के बारे में पीएम ने कहा, ''यह ऐसा महागठबंधन है जिसके नेतृत्व का पता नहीं है. इनकी नीति अस्पष्ट है और नीयत भी भ्रष्ट है. यह ऐसा महागठबंधन है जिसमें लोग एक- दूसरे को देख नहीं सकते हैं, लेकिन आज गले लगने को तैयार हैं. यह हमारी सफलता है.''

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग सत्ता में रहते हुए भी विफल थे वह आज विपक्ष के रूप में भी विफल हैं. यह लोग सही मुद्दों पर कोई बात नहीं करते हैं. इनके सत्ता के 48 साल और हमारे 48 महीने हैं . इनसे यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने 48 सालों में क्या किया, किसके लिए किया और किस नीयत से किया.  यह लोग 48 साल शासन करने के बाद क्या हमारी 48 महीने के काम की समीक्षा करेंगे.

पीएम ने आगे की रणनीति का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी झूठ पर लड़ती है. हम उन्‍हें काम के आधार पर जवाब देंगे. हम लोग अपने तर्कों के आधार पर कांग्रेस के झूठ को बेनकाब करेंगे. उन्‍होंने आगे कहा कि हम अपने सिद्धांतों के लिए काम करते हैं. रणनीति बदलती रहती है लेकिन सिद्धांत वही रहते हैं. 2019 लोकसभा चुनाव के संदर्भ में पीएम मोदी ने कहा कि हमें कोई चुनौती नहीं दिखाई देती है. मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का होना जरूरी है. वर्तमान विपक्ष को भी काम के आधार पर हमसे सवाल पूछना चाहिए. हम जवाब देने को तैयार हैं. लेकिन विपक्ष पूरी तरह से विफल है, इनके पास ना मुद्दे हैं, ना कोई बात है.

प्रधानमंत्री मोदी ने ''अजेय भारत, अटल भाजपा'' का नारा देते हुए कहा कि बीजेपी अपने सिद्धांतों पर अडिग है. करीब 31 साल से गुजरात में बीजेपी की सरकार है. इसके पीछे एक ही कारण है कि हमने सत्ता का अहंकार नहीं किया.हमने सत्‍ता को कुर्सी के रुप में नहीं बल्कि जनता की भलाई के नजरिए से देखा. पीएम मोदी ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हम अटल जी के बताए मार्ग पर चल रहे हैं.

रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया जिसमें कहा गया है कि 2022 तक देश से जातिवाद, संप्रदायवाद, आतंकवाद और नक्सलवाद खत्म होगा. प्रस्ताव के मुताबिक केंद्र सरकार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और इसकी वजह से उन्हें देश छोड़कर भागना पड़ रहा है.

बैठक में कहा गया कि 2014 से भाजपा ने 15 राज्यों में चुनाव जीते हैं और 20 राज्य में सरकार में है. विपक्ष 10 राज्यों में है और कांग्रेस सिर्फ 3 राज्यो में सिमट के राह गई है. इसलिए सत्ता पाने के लिए विपक्ष परेशान है और महागठबंधन जैसा विकल्प ढूंढ रहा है. विपक्ष के पास मोदी जैसा कोई नेता नहीं. विपक्ष का एक मात्र लक्ष्य "मोदी रोको". इसलिए विपक्ष अनैतिक गठबंधन की बात कर रहा है.

बैठक में कहा गया कि चार वर्ष पहले एक कमजोर अपारदर्शी और पूर्णतः पूंजीवादी अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी. हमारी सरकार ने इसमें मूलभूत सुधार किए और कड़े कदम उठाए. नोटबंदी, जीएसटी ने अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार किए हैं. पार्टी का कहना है कि थोड़ी सी परेशानियों के बाद अर्थव्यवस्था अब तेजी से बढ़ रही है. जीडीपी में बढ़ोतरी इसका उदाहरण है.

बता दें कि बैठक के पहले दिन शनिवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बैठक को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव आसानी से जीतने का फॉर्मूला बताया. बैठक के पहले दिन शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी को याद करने के साथ ही केरल बाढ़ और एनआरसी समेत अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखी.

शाह ने विपक्ष के महागठबंधन को झूठ पर आधारित गठबंधन बताया और कार्यकर्ताओं से अपील कि इसका सच देश की जनता तक ले जाएं. बीजेपी अध्यक्ष ने अपने भाषण में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाई गई जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से चर्चा की. शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वो अर्थव्यवस्था को लेकर 'पी चिदंबरम एंड कंपनी' द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियों को तथ्यों के आधार पर चुनौती दें.

बैठक के पहले दिन उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता सरकार के अच्छे कामों को लोगों के सामने लेकर जाएं. एक तरफ जहां बीजेपी 'मेकिंग इंडिया' में लगी है, तो दूसरी ओर कांग्रेस 'ब्रेकिंग इंडिया' में लगी है. दो दिन तक चलने वाली इस बैठक में बीजेपी 2019 के आम चुनाव और राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति पर मंथन हुआ. इसके साथ ही एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के मसले पर भ्रम की स्थिति से निपटने समेत अन्य मामलों पर भी चर्चा हुई. वामपंथी विचारधारा के लोगों को गिरफ्तार किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बीजेपी इसमें राजनीति नहीं कर रही है और मामले की कार्रवाई करने पर महाराष्ट्र सरकार की सराहना करती है.