नई दिल्‍ली : देश में लगातार बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने आज भारत बंद का आह्वान किया है. कांग्रेेेस के अनुसार उसे 21 विपक्षी पार्टियों का भी समर्थन मिला है. कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी भी सोमवार को रामलीला मैदान मेें सरकार के खिलाफ धरनेे पर बैठ गए हैैं. उनके साथ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा भी मौजूद हैं. साथ ही एनसीपी प्रमुख शरद पवार और शरद यादव भी धरने में शामिल हैैं.

Delhi: NCP Chief Sharad Pawar, Congress President Rahul Gandhi and Sharad Yadav at bandh protest against fuel price hike pic.twitter.com/Dy7DFBV0uR

— ANI (@ANI) September 10, 2018

कांग्रेस की पूर्व अध्‍यक्ष सोनिया गांधी भी धरने में शामिल हुई हैं. उनके साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद हैं. धरने के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमला बोला. उन्‍होंने कहा 'मोदी सरकार ने बड़ी संख्‍या में ऐसे कदम उठाए हैं, जो देशहित में नहीं हैं. मोदी सरकार को बदलने का समय जल्‍द ही आएगा.'

Modi government has done a number of things that were not in the interest of the nation. The time to change this government will come soon: Former prime minister Manmohan Singh at Congress & opposition parties protest against fuel price hike #BharatBandh pic.twitter.com/t4Fvf5X4G8

— ANI (@ANI) September 10, 2018

कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी अपनी कैलास मानसरोवर यात्रा से लौटकर सोमवार सुबह पहले राजघाट पहुंचेे. वहां उन्‍होंनेे महात्‍मा गांधी की समाधि पर मानसरोवर का जल चढ़ाया. इसके बाद वह राजघाट से पैदल मार्च निकालकर रामलीला मैदान पहुंचे.

Delhi: Congress President Rahul Gandhi and opposition party leaders march from Rajghat towards Ramlila Maidan, to protest against fuel price hike. #BharatBandh pic.twitter.com/X7DQcVRgIA

— ANI (@ANI) September 10, 2018

भारत बंद को लेकर कांग्रेसी नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे शांतिपूर्वक प्रदर्शन करें और किसी तरह के हिंसक प्रदर्शन में शामिल न हों. इसके बावजूद बिहार के कई हिस्‍सों में हिंसक प्रदर्शन हुए. जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पटना में वाहनों में तोड़फोड़ की. मुंबई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रेल रोकने की भी कोशिश की.

छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. राजस्‍थान, उत्‍तर प्रदेश, ओडिशा समेत कई राज्‍यों में पुलिस अलर्ट पर रखी गई है. भारत बंद के कारण देश भर में करीब 12 ट्रेनें रद करनी पड़ी हैं. इनमें भुवनेश्‍वर से हावड़ा जन शताब्‍दी जैसी ट्रेनें शामिल हैं.

ओडिशा के संभलपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक ट्रेन रोककर पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों पर विरोध जताया. वहीं माकपा कार्यकर्ताओं ने विशाखापत्‍तनम में भी बढ़े दामों के खिलाफ प्रदर्शन किया. तेलंगाना में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है. गुजरात के भरूच में प्रदर्शनकारियों ने बसें रोकीं और टायरों में आग लगाई. भारत बंद की वजह से बेंगलुरु में स्‍कूल और कॉलेज बंद हैं. मुंबई में पुलिस ने हिंसा रोकने के लिए अलर्ट जारी किया है. सभी इमरजेंसी सेवाएं बंद के असर से बाहर रखी गई हैं.

कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि इस प्रदर्शन में 21 विपक्षी पार्टियां समर्थन कर रही हैं. तृणमूल कांग्रेस (TMC) की तरफ से बयान जारी कर कहा गया कि उनकी पार्टी बंद का समर्थन करती है, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में बंद की इजाजत नहीं दे सकतीं. एनसीपी प्रमुख शरद पवार, द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन और वामपंथी नेताओं ने कांग्रेस की ओर से बुलाए गए ‘भारत बंद’ का खुला समर्थन किया है.

आम आदमी पार्टी की तरफ से भी कहा गया है कि वह बंद में शामिल नहीं होगी. शिवसेना ने भी बंद का समर्थन नहीं किया है, हालांकि मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) ने बंद का समर्थन किया है. बीजू जनता दल (बीजेडी) ने भी बंद का समर्थन नहीं करने का फैसला किया है. उत्तर प्रदेश में संभावित गठबंधन के साथी सपा और बसपा ने भी खुलकर बंद का समर्थन नहीं किया है. हालांकि, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी ने पूरे प्रदेश में हर जनपद के तहसील मुख्यालय में सोमवार को धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया है.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले 52 महीनों में देश के लोगों से 11 लाख करोड़ रुपए ‘‘लूटे’’ हैं और भाजपा सरकार चलाने की बजाय ‘‘मुनाफाखोर कंपनी’’ चला रही हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह गैस, डीजल और पेट्रोल की कीमतें हर रोज बढ़ रही हैं, उससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है.

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए. भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों का कोई जिक्र नहीं किया गया, क्योंकि उन्हें लोगों के दुख-दर्द से कोई मतलब ही नहीं है.

दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने रविवार को कहा कि यह देखकर दुख हुआ कि बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कच्चे तेल के बढ़ते दामों पर चुप्पी साधे रखी गई और महंगाई या रुपए के अवमूल्यन पर कोई चर्चा नहीं हुई. ये ऐसे मामले हैं जो सीधे आम आदमी से जुड़े हैं.

अजय माकन ने मीडिया से कहा कि पिछले चार सालों में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) करीब 211 फीसदी और डीजल पर करीब 443 फीसदी बढ़ाए गए हैं. मई 2014 में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 9.2 रुपए थी जो वर्तमान में 19.48 रुपए है. डीजल पर उस वक्त एक्साइज ड्यूटी 3.46 रुपए थी जो वर्तमान में 15.33 रुपए हो गई है.

द्रमुक के अध्यक्ष स्टालिन ने कहा, ‘‘द्रमुक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जबर्दस्त बढ़ोतरी को लेकर बीजेपी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही कांग्रेस की ओर से बुलाए गए ‘भारत बंद’ को पूरा समर्थन देगा.’’ बंद के आह्वान के मद्देनजर कांग्रेस ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे किसी हिंसक प्रदर्शन में शामिल नहीं हों. इससे पहले, कांग्रेस की मांग है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाया जाए जिससे तेल के दाम 15 से 18 रुपये तक गिर सकते हैं.

बता दें कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने सोमवार को एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ दिया. सोमवार को दिल्‍ली में पेट्रोल 0.23 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 80.73 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है. वहीं डीजल का रेट 0.22 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 72.83 रुपये प्रति लीटर हो गया है. मुंबई में सोमवार को पेट्रोल के दाम 0.23 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 88.12 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए