नई दिल्ली : नीरव मोदी द्वारा पंजाब नेशनल बैंक को चूना लगाने के मामले में अमेरिका की बैंकरप्सी कोर्ट की ओर से नियुक्त किए गए एग्जामिनर जॉन जे कार्ने ने अपनी रिपोर्ट में कई खुलासे किए हैं. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी की फर्म 'अ जैफ इंक' को नीरव की बहन पूर्वी मोदी मेहता नियंत्रित करती थीं, और उनके पिता दीपक मोदी से जुड़ी कंपनी ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड फर्म ने मिल कर भारत से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के माध्यम से कई फर्जी कंपनियों में पैसा लगाया और उन कंपनियों और अमेरिकी कंपनी ट्विन फील्ड इनवेशमेंट लिमिटेड की मदद से 576 करोड़ रुपये की हेरफेर की. अंग्रेजी के अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में ये खुलासा किया है. बैंकरप्सी कोर्ट के एग्जामिनर की रिपोर्ट में कई संदिग्ध इकाइयों की सूची थी. रिपोर्ट में अमेरिका में बैंकों द्वारा किए गए लोन के भुगतान का मामला का भी जिक्र किया गया है. इन सौदों में नीरव मोदी के निर्देश पर हीरे और पैसे के लेनदेन की बात की गई है.

नीरव मोदी और मेहुल चोकसी पर देश के राष्ट्रिकृत बैंक पंजाब नेशनल बैंक को 13600 करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है. इस मामले में देश की एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं. पंजाब नेशनल बैंक का आरोप है कि नीरव और मेहुल ने फर्जी फॉरन लेटर ऑफ क्रेडिट के जरिए बैंक को चूना लगाया है. दोनों ने ही जनवरी 2018 में देश छोड़ दिया था. इसके कुछ समय के बाद जांच में इस घोटाले का पता लगा. नीरव मोदी अमेरिका में हैं वहीं मेहुल चोकसी ने अंतिगुया और बार्बूडा की नागरिक्ता ले ली है. माना जा रहा है कि ये फिलहाल किसी करेबियाई देश में ही है.

नीरव मोदी पर फर्जी लेटर ऑफ क्रेडिट के जरिए पंजाब नेशनल बैंक से 4000 करोड़ रुपये अपनी फर्मों में डावर्ट करने का आरोप है.  अमेरिका की बैंकरप्सी कोर्ट की ओर से नियुक्त किए गए एग्जामिनर जॉन जे कार्ने की रिपोर्ट के अनुसार नीरव की कंपनी से मिलने वाले 300 करोड़ रुपये को ट्विन फील्ड इनवेस्टमेंट्स ने अमेरिका की रीटेल ज्वैलरी कंपनी बेली, बैंक और बिडल (BBB Group) में निवेश किया. इस कंपनी को नीरव मोदी ने 2009-10 में खरीद लिया.