नई दिल्लीः कांग्रेस के आह्वान पर आयोजित ‘भारत बंद’ के दौरान सोमवार को कई राज्यों में जनजीवन पर असर देखा गया जहां ऑफिस और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे और सड़कों से गाड़ियां नदारद रहीं. हिंसा की कुछ घटनाओं को छोड़कर ‘भारत बंद’ कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा. बंद का आह्वान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में 21 विपक्षी दलों ने किया. इसकी शुरुआत दिल्ली में राजघाट से हुई जहां राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की समाधि पर श्रंद्धाजलि अर्पित की और कैलास मानसरोवर झील से लाया गया पवित्र जल और वहां का पत्थर चढ़ाया.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन में घृणा फैलाई जा रही है और देश को बांटा जा रहा है. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी विपक्षी दलों से देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र को 'बचाने' के लिए एकजुट होने का आह्वान किया.

बीजेपी ने बंद को भ्रम फैलाने की कोशिश बताया
बीजेपी ने बंद को जनता के बीच अफवाह और भ्रम फैलाने का प्रयास करार दिया और कहा कि जनता विपक्षी दल द्वारा फुलाए गए ‘महागठबंधन के गुब्बारे की हवा निकाल’ देगी. बीजेपी का आरोप है कि बिहार के जहानाबाद में दो साल की बच्ची की मौत अस्पताल ले जाते वक्त हो गई और उसके परिवार ने मौत के लिए वाहन खोजने में हुई देरी के पीछे की वजह भारत बंद को बताया.

देश के अलग अलग राज्यों में कैसा रहा असर
केरल, कर्नाटक, बिहार, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में बंद के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ लेकिन उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और मिजोरम कुल मिलाकर प्रभावित नहीं रहे. ओडिशा में ट्रेन सेवाएं बाधित हुई.

नयी दिल्ली में बंद के बावजूद ऑफिस, स्कूल और कॉलेज अपने नियमित समय पर ही खुले. प्रदर्शन के कारण दरियागंज और रामलीला मैदान के आस पास यातायात बाधित हुआ. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बंद के समर्थन में कई जगह प्रदर्शन किये. अधिकारियों ने कहा कि किसी जगह से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है क्योंकि पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बंदोबस्त किया.

पंजाब और हरियाणा में कुछ जगहों पर दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद दिखे. पंजाब में कांग्रेस ने लुधियाना, जालंधर, पटियाला, गुरदासपुर सहित कई स्थानों पर प्रदर्शन निकाले. इसी तरह हरियाणा में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, रोहतक और पानीपत सहित कई जगहों पर विरोध मार्च निकाला.

महाराष्ट्र में कई भागों में बंद समर्थकों ने बसों को निशाना बनाया और ट्रेन यातायात को रोका. राज्य में स्कूल, कालेज और ऑफिस खुले रहे. राज्य में बंद का एनसीपी, राज ठाकरे नीत एमएनएस, एसपी सहित अन्य दलों ने समर्थन किया. मुंबई में प्रदर्शन के दौरान करीब एक सौ कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया.

कांग्रेस ने गणेशोत्सव के मद्देनजर गोवा में बंद नहीं कराया बल्कि कांग्रेसी नेता आम लोगों को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा करने वाली केन्द्र सरकार की ‘‘नीतियों की हकीकत बताने’’ के लिए पेट्रोल पंपों पर गये. केरल में बंद से जनजीवन प्रभावित रहा. सार्वजनिक और निजी परिवहन बसें और आटोरिक्शा सड़कों पर नजर नहीं आए.

ओडिशा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा बंद लागू करने के लिए रेल की पटरियों पर रुकावट पैदा की गई जिससे कई स्थानों पर ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं. कम से कम दस ट्रेनें रद्द की गई हैं. कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सड़कों पर अवरोध पैदा करने से कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही बाधित हुई. सड़कों से बसें, टैक्सी और आटोरिक्शा नदारद रहे.

भुवनेश्वर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क मार्ग जाम कर दी जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ियों का आवागमन बाधित हुआ. बंद समर्थकों ने सूर्य मंदिर की टिकट खिड़की भी बंद कर दी. दुकानें, बाजार, कारोबारी प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान बंद रहे. बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षाएं रद्द कर दी गईं.

तेलंगाना में बंद का मिलाजुला असर देखा गया. पुलिस ने प्रदर्शन करने और बसों को चलने से रोकने का प्रयास करने पर कांग्रेस, वामदल और टीडीपी के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. करीमनगर में एआईसीसी सचिव श्रीनिवास कृष्णन और 40 अन्य को ऐहतियाती हिरासत में लिया गया.

कर्नाटक में भारत बंद से जनजीवन प्रभावित हुआ. बेंगलुरू की सड़कें सुनसान रहीं और सरकारी बसें, निजी टैक्सी और ज्यादातर आटोरिक्शा सड़कों से दूर रहे. कारोबारी प्रतिष्ठान, दुकानें, मॉल, कुछ निजी कंपनियां बंद रहीं. मेंगलुरू में जो दुकानें और होटल खुले उन पर पथराव की खबरें हैं.

झारखंड में बंद जबरन लागू करने का प्रयास करने पर कांग्रेस के 58 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. पश्चिम बंगाल में लगभग सभी दुकानें, कालेज और कार्यालय खुले रहे और परीक्षाएं भी तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित हुईं. तमिलनाडु में जनजीवन कुल मिला कर सामान्य रहा. हालांकि ट्रेड यूनियनों से जुड़े आटोरिक्शा सड़कों से दूर रहे.

उपसंभागीय अधिकारी पारितोष कुमार ने कहा कि गया जिले के एक गांव के निवासी प्रमोद मांझी अपनी बेटी को लेकर अस्पताल जा रहे थे क्योंकि बच्ची उल्टियां कर रही थी और डायरिया से ग्रस्त थी. उन्होंने कहा, ‘बंद समर्थकों ने तिपहिया वाहन को जाने से नहीं रोका. यह कहा जा सकता है कि अगर वाहन खोजने में देरी नहीं हुई होती तो उसकी जिंदगी बचाई जा सकती थी.’

बिहार में आगजनी, तोड़फोड़ और सड़क और रेल यातायात को अवरूद्ध करने की घटनाएं हुईं. पुराने पटना शहर में बंद समर्थकों ने तोड़फोड़ की जहां उन्होंने पटरियों पर टायर जलाकर ट्रेनों का आवागमन बााधित किया. निजी स्कूल और कई कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे. सरकारी कार्यालयों और बैंकों में कामकाज सामान्य रहा.

‘भारत बंद’ का गुजरात में मिला-जुला असर रहा. कांग्रेस ने बंद को सफल बताया जबकि पुलिस ने दावा किया कि इसका कोई खास असर नहीं रहा. पुडुचेरी में सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे और तमिलनाडु सरकार की स्वामित्व वाली एक एक्सप्रेस बस और एक निजी कालेज वाहन पर पत्थर फेंके गये.

अरुणाचल प्रदेश में बंद की वजह से जनजीवन प्रभावित हुआ. राज्य में सभी दुकानें, बैंक समेत कारोबारी प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान बंद रहे और निजी गाड़ियां सड़कों से नदारद रहे.राज्य की राजधानी में करीब सौ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है.

उत्तर प्रदेश में बंद का ज्यादा असर देखने को नहीं मिला और ज्यादातर दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान खुले रहे. कांग्रेस शासित मिजोरम में भी दुकानें, कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान खुले रहे और इन पर बंद का कोई असर नहीं हुआ.