हैदराबाद : हैदराबाद विस्फोट मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने इंडियन मुजाहिद्दीन अनीक सैयद और इस्माइल चौधरी को मौत की सजा सुनाई गई है वहीं एक तीसरे दोषी तारीक अंजुम को को उम्रकैद की सजा दी गई है. साल 25 अगस्त 2007 में हैदराबाद में दो बड़े बम धमाके हुये थे जिसमें 44 लोगों की मौत और 68 घायल हो गये थे. बीती 4 सितंबर को अदालत ने अनीक अनीक सैयद और मोहम्मद अकबर इस्माइल चौधरी को दोषी करार दिया था वहीं फारुक तरकश, मोहम्मद सादिक इसरार और अहमद शेख को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था.  

कोर्ट ने अंजुम को शहर के एक मशहूर खानेपीने के स्थान और एक ओपन एयर थियेटर में विस्फोटों को अंजाम देने में उसकी भूमिका के लिए दोषी करार दिया गया था. दोनों को दोषी करार दिये जाने के बाद  विशेष सरकारी अभियोजक सी सेशु रेड्डी ने कहा था कि अभियोजन पक्ष दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग करेगी.

रेड्डी तेलंगाना पुलिस की काउंटर इंटेलीजेंस इकाई से जुड़े हैं जिसने मामले की जांच की थी और इन सभी को गिरफ्तार किया था. बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि वे दोषियों के खिलाफ अदालत के फैसले को हाईकोर्ट न्यायालय में चुनौती देंगे. एक अन्य सरकारी वकील के. सुरेंद्र के अनुसार अनीक और चौधरी को गोकुल चाट तथा लुंबिनी पार्क में विस्फोटों को अंजाम देने और दिलसुख नगर में एक पैदल पारपथ के नीचे से एक बिना फटा बम मिलने के मामले में भी दोषी पाया गया है.