नई दिल्‍ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को देश की हजारों आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बातचीत कर रहे हैं. उन्‍होंने इस दौरान कहा कि केंद्र सरकार देश में पोषण और बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के मुद्दे पर पूरा ध्‍यान देते हुए काम कर रही है. उन्‍होंने कहा 'मैं गर्भवती महिलाओं का निशुल्‍क इलाज करने वाले डॉक्‍टरों का आभार व्‍यक्‍त करना चाहता हूं.' उन्‍होंने कहा कि कमजोर नींव पर मजबूत इमारत का निर्माण नहीं हो सकता. इसी प्रकार यदि देश का बचपन कमजोर रहेगा तो उसके विकास की गति धीमी हो जाएगी.

One cannot build a strong building on a weak foundation, similarly, if the children of the country are weak the progress of the country will also slow down: PM Narendra Modi during an interaction with ASHA, ANM & Anganwadi workers pic.twitter.com/poDMfrmfSt

— ANI (@ANI) September 11, 2018

The government has focussed on aspects relating to nutrition & quality healthcare. Vaccination efforts are on at a fast pace. It is important to involve maximum number of women & children in this movement: PM Narendra Modi during an interaction with ASHA, ANM & Anganwadi workers pic.twitter.com/ZXkvxeET94

— ANI (@ANI) September 11, 2018

मंगलवार को आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में टीकाकरण अभियान इस समय तेज गति से चल रहा है. इस अभियान में देश बड़ी संख्‍या में महिलाओं और बच्‍चों को शामिल करना बेहद जरूरी है.

I would like to express my gratitude towards those doctors who are treating pregnant women without taking any fees: PM Narendra Modi during an interaction with ASHA, ANM & Anganwadi workers pic.twitter.com/WsYpFQXaaK

— ANI (@ANI) September 11, 2018

पीएम मोदी ने कहा 'मौजूदा समय में एक आशा वर्कर किसी बच्‍चे जन्‍म के बाद उसके पास 42 दिनों में 6 बार जाती हैं. अब हम इस समय को बढ़ाकर 15 महीने कर रहे हैं. इससे आशा वर्कर ऐसे बच्‍चों की देखरेख के लिए उनके पास 15 महीने में 11 बार जा सकेंगी. मुझे विश्वास है कि आपके स्नेह और अपनेपन से एक से एक बेहतरीन नागरिक देश को मिलेंगे.'

Initially, an ASHA worker used to visit a baby 6 times in 42 days after his/her birth, now we have increased that time to 15 months. ASHA worker will visit the baby for 11 times in these 15 months: PM Narendra Modi during an interaction with ASHA, ANM & Anganwadi workers pic.twitter.com/J7VkiIe4wI

— ANI (@ANI) September 11, 2018

किसी भी शिशु के लिए जीवन के पहले एक हजार दिन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं. इस दौरान मिला पौष्टिक आहार, खान-पान की आदतें ये तय करती हैं कि उसका शरीर कैसा बनेगा, पढ़ने-लिखने में वो कैसा होगा, मानसिक रूप से कितना मजबूत होगा. यदि देश का नागरिक सही से पोषित होगा, विकसित होगा तो देश के विकास को कोई नहीं रोक सकता है. लिहाज़ा शुरुआती हजार दिनों में देश के भविष्य की सुरक्षा का एक मजबूत तंत्र विकसित करने का प्रयास हो रहा है.

एक आशा वर्कर की बात पर जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा 'जैसा कि दादरा और नगर हवेली की साथी कह रही थीं, निश्चित तौर पर एनीमिया एक बहुत बड़ी समस्या है. देश में काफी संख्या में लोग एनीमिया के शिकार हैं. हालांकि पिछले कुछ वर्षों में आयोडीन युक्त नमक का उपयोग बढ़ा है. अब आप सभी कार्यकर्ताओं को आयोडीन और आयरन युक्त डबल फोर्टिफाइड नमक के इस्तेमाल के लिए लोगों को और जागरूक करना पड़ेगा ताकि एनीमिया जैसी बीमारियों को दूर किया जा सके.'