मुंबई: फेवीकोल ने कलाकार भाग्यश्री देशपांडे के साथ मुंबई में गणेश मूर्ति बनाकर लिमका बुक में रिकॉर्ड दर्ज कराने के लिए हाथ मिलाए हैं. लोअर परेल में हाई स्ट्रीट फोनिक्स में गणेश की यह प्रतिमा दो इंच लंबी होगी. इसे 40,000 पेपर स्ट्रिप से बनाया गया है. साथ ही फेवीकोल की 50 बॉटल का इस्तेमाल किया गया है. मुंबई के कई स्कूलों के 50 छात्रों ने इस मूर्ति को फिनिंशिंग टच प्रदान किया. फेवीकोल A+ कई सतहों पर काम करता है मसलन कार्डबोर्ड, फोम और अन्य ठोस क्राफ्ट पर. इसके अलावा, इसका फॉर्मूला क्राफ्टिंग के लिए बिल्कुल उपयुक्त है.

इस मौके पर भाग्यश्री देशपांडे ने कहा, "लिमका रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराना आसान काम नहीं है. फेवीकोल A+ के सहयोग से मैं इस रिकॉर्ड को हासिल करने का प्रयास कर रही हूं. फेवीकोल A+ ने इस तरह की प्रतिमा को बनाने में मेरी बहुत मदद की. इसके परिणामस्वरूप, मुझे वास्तविक क्राफ्टिंग के लिए पर्याप्त समय मिला."

उधर, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज के सीईओ शांतनु भानजा का कहना है, "पिडिलाइट में हम रचनात्मक और कलात्मक कार्य को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर, हमारा लक्ष्य आने वाली पीढ़ी को बढ़िया कलात्मक प्लेटफॉर्म प्रदान करना है." फोनिक्स मिल के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने कहा कि हम फेवीकोल A+ और भाग्यश्री देशपांडे के साथ जुड़कर रोमांचित हैं.