नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) अगले सप्ताह एक लेक्चर सीरीज का आयोजन करने जा रहा है. राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय लेक्चर सीरीज के लिए 60 देशों को आमंत्रित किया जाएगा. खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में जिन 60 देशों को आमंत्रित करने का प्लान बनाया जा रहा है उसमें पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आरएसएस के इस कार्यक्रम में एशिया के लगभग सभी देशों के दूतावासों को निमंत्रण भेजने का प्लान किया गया है. वहीं, भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को इस कार्यक्रम से दूर रखा गया है. आरएसएस के कार्यकर्ता ने बताया कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद का समर्थन करता आया है, सीमा पर भारतीय जवानों की हत्या करता आया है इसलिए संघ ने पड़ोसी मुल्क को इस कार्यक्रम से दूर ही रखने का फैसला किया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम में देशभर की विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रिय पार्टी को शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा जाएगा. इस सीरीज को संघ प्रमुख  मोहन भागवत संबोधित करेंगे. इस दौरान वह श्रोताओं के सवालों का जवाब भी देंगे. इसके अलावा संघ इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री, मीडिया और दूसरे सेक्टर्स के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर सकता है.

बता दें कि दिल्ली में इस कार्यक्रम की शुरुआत 17 सितंबर से हो रही है. इसमें मोहन भागवत संघ के विचारों को सारी दुनिया के सामने रखेंगे. इसके साथ ही वर्तमान में राष्ट्रीय हित में कौन से मुद्दे हैं, जिस पर विचार रखना आवश्यक है इस पर भी मोहन भागवत अपना पक्ष रखेंगे.

तीन दिन के कार्यक्रम पर एक नजर

  • 17 सितंबर 2018 : आरएसएस प्रमुख मोहन भागत, संघ की विचारधारा, विजन और प्रोग्राम के बारे में सभी लोगों को जानकारी देंगे.
  • 18 सितंबर 2018 : देश में आरक्षण, हिंदुत्व और कम्युनिज्म सहित कई राष्ट्रीय हित के मुद्दे पर मोहन भागवत अपने विचारों को रखेंगे.
  • 19 सितंबर 2018 : पिछले दो दिनों में कार्यक्रम में आए सभी लोगों से लिखित सवाल लिए जाएंगे और फिर उन्हें शॉर्टलिस्ट कर तीसरे दिन इसका जवाब दिया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि संघ का यह पहला ऐसा कार्यक्रम होगा, जिसमें वह सीधे तौर पर जनता से मुखातिब होगी. आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमाने ने इस सीरीज के बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि वर्तमान में भारत दुनिया के राष्ट्रों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब हुआ है. इसके साथ ही आरएसएस अब यह महसूस कर रहा है कि राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर संघ को जानने के प्रति लोगों में उत्सुकता बढ़ी हुई है. ऐसे में मोहन भागवत इस सीरीज के जरिए इस उत्सुकता को जानने की कोशिश करेंगे.