अहमदाबाद: पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के आज घोषणा की कि किसानों की कर्ज माफी, पाटीदार आरक्षण और राजद्रोह के मामले में जेल में बंद अपने एक साथी की रिहाई की मांग को लेकर गत 25 अगस्त से यहां आमरण अनशन पर बैठे इसके नेता हार्दिक पटेल आज 19 वें दिन नारियल पानी पीकर अपना अनशन खत्म किया।

इस बीच, हार्दिक के पूर्व साथी और भाजपा नेता केतन पटेल ने कहा कि पाटीदार समाज ने अब समझ लिया है कि हार्दिक पटेल राजनीतिक कारणों से आंदोलन को किसी तरह जिंदा रखना चाहते हैं। राज्य सरकार ने पहले ही पाटीदार आंदोलन संबंधी अधिकतर संभव मांगों को मान लिया था और आंदोलन तभी समाप्त हो जाना चाहिए था पर हार्दिक अपने निजी महत्वाकांक्षा को लेकर इसे किसी तरह जारी रखना चाहते थे। इसलिए अब उन्हें कोई समर्थन नहीं मिल रहा ।  उनके पिछले कार्यक्रमों के दौरान हुई तोडफ़ोड़ और ङ्क्षहसा चलते बाहर उपवास आंदोलन की अनुमति नहीं मिलने पर यहां अपने आवास ग्रीनवुड रिसार्ट में आमरण अनशन पर बैठे हार्दिक पटेल को उपवास के 14 वें दिन सात सितंबर को पहले सरकारी अस्पताल में और बाद में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

Ahmedabad: PAAS leader Hardik Patel breaks his indefinite hunger strike after 19 days. He was demanding reservations for Patidar community and loan waiver for farmers. #Gujarat pic.twitter.com/6qjSiCfjEz

— ANI (@ANI) September 12, 2018

इलाज के बाद 9 सितंबर को वापस वह अपने आवास पर आकर अनशन पर बैठ गए। आज कुल मिला कर उनके अनशन का 19 वां दिन है। उन्होंने इस बीच दो बार पानी का त्याग भी किया था पर इसे फिर से लेना शुरू कर दिया था।  हार्दिक कैंप की ओर से बार-बार दिए गए अल्टीमेटम के बावजूद राज्य की भाजपा सरकार ने इस बार कड़ा रूख बनाए रखा। उसने कहा कि हार्दिक ने पिछले चुनाव में कांग्रेस का समर्थन किया था कि अब भी वह उसी के इशारे पर आगामी लोकसभा चुनाव में उसे लाभ दिलाने की नीयत से यह आंदोलन कर रहे हैं।  हार्दिक से मिलने वालों में अधिकतर कांग्रेस के नेता था इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के धुर विरोधी माने जाने वाले पूर्व मंत्री यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा तथा कई अन्य ऐसे चेहरे शामिल थे।